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संदीग्ध ब्राउन शुगर के साथ एक धराया

खोरीबाड़ी । गुप्त सूचना के आधार पर दार्जिलिंग जिला पुलिस अंतर्गत खोरीबाड़ी थाना के पानीटंकी पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक उत्तर रामधन जोत निवासी, नाम गौतम बर्मन (22) बताया गया है। तलाशी लेने पर उसके पास से काफी मात्रा में संदिग्ध ब्राउन शुगर जैसा पदार्थ बरामद हुआ है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धारा में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गयी है। जानकारी मिली है कि, गुप्त सूचना के आधार पर पानीटंकी सब्जी मार्केट के पास एक युवक की तलाशी ली गयी। तलाशी के दौरान उक्त व्यक्ति के पास से 200 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद किया गया। इसके बाद बरामद सामग्री को जब्त करते हुए व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार युवक के खिलाफ खोरीबाड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

Parliamentary committee flagged poor utilisation of funds by states under the “Beti Bachao, Beti Padhao” scheme

Beti Bachao Beti Padhao (BBBP) was launched by Prime Minister Narendra Modi on 22nd January 2015 at Panipat, Haryana. BBBP addresses the declining Child Sex Ratio (CSR) and related issues of women empowerment over a life-cycle continuum. It is a tri-ministerial effort of Ministries of Women and Child Development, Health & Family Welfare, and Human Resource Development.

A parliamentary committee on women empowerment chaired by Maharashtra BJP Lok Sabha MP Heena Vijaykumar Gavit has flagged poor utilization of funds by states under the “Beti Bachao, Beti Padhao” scheme. The committee tabled its report on ‘Empowerment of Women through Education with Special Reference to Beti Bachao-Beti Padhao Scheme’ in Lok Sabha on Thursday.

According to the report, from the start of the scheme in 2014-2015 till 2019-2020 its total budget allocation was 848 crore and an amount of 622.48 crores was released to the states during this period.

“However, to the committee’s dismay, only 25.13% of the funds, that is Rs 156.46 crore, has been spent by the states, reflecting not up to the mark performance of the scheme,” the panel’s report said.

The committee further observed that out of 446.72 crores that was released during the period of 2016-2019 a whopping 78.91% was spent only on media advocacy.

The report said, “though the committee understands the necessity to undertake a media campaign to spread the message of ”Beti Bachao, Beti Padhao” among the people, they feel that it is equally important to balance the objectives of the scheme”.

The committee recommends that the government should reconsider spending on advertisements under the ”Beti Bachao-Beti Padhao” scheme and should focus on planned expenditure allocation for sectoral interventions in education and health.

41 बटालियन एसएसबी ने 20 मवेशियों के साथ 2 को दबोचा

खोरीबाड़ी। अवैध रूप से वाहनों में लादकर ले जा रहे मवेशियों को एसएसबी 41वीं बटालियन रानीडांगा अन्तर्गत ई समवाय रामधनजोत के जवानों ने जब्त किया है । इसके साथ दो लोगों को भी हिरासत में लिया है । हिरासत में लिए व्यक्तियों का नाम राज गुप्ता तथा मोहम्मद मुंतन बताया गया । आवश्यक कार्यवाई पश्चात हिरासत में लिए दोनों व्यक्तियों व जब्त मवेशियों को खोरीबाड़ी थाना के हवाले कर दिया । मिली जानकारी अनुसार एसएसबी रामधन जोत ई समवाय के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर दँद्राझाड़ के पास एक वाहन को रोककर तलाशी लिया । तलाशी के दौरान उक्त वाहन से 20 मवेशियों को बरामद किया गया । आवश्यक कागजात नहीं दिखाए जाने के कारण बरामद हुए मवेशियों को जब्त कर लिया गया । बताया गया की जब्त मवेशियों को अवैध रूप से वाहन में लादकर धूपगुड़ी ले जाने की योजना थी । इससे पहले ही एसएसबी जवानों द्वारा पकड़ लिया गया । एसएसबी द्वारा आवश्यक कार्यवाई पश्चात हिरासत में लिए दोनों व्यक्तियों के साथ जब्त मवेशियों को खोरीबाड़ी थाने को सौंप दिया । खोरीबाड़ी थाना पुलिस अग्रिम कार्यवाई में जुट गई है ।

कोलकाता पर मेहरवान, सिलीगुड़ी पर नाराज मौसम, मौसम विभाग ने अगले सप्ताह तक ठंड बढ़ने की जगाई उम्मीद

सिलीगुड़ी। ग्लोबल वर्मिंग कहें या मौसम का मनमाना रवैया। दिसंबर के 10 तारीख तक सिलीगुड़ी में जितनी ठंड पड़नी चाहिए इस साल उतनी ठंड कोलकाता में पड़ रही है। जबकि सिलीगुड़ी व आसपास में अभी तक लोगों के मामुली गर्म कपड़े हीं निकले हैं। मौसम के इस बदलते चरित्र से बीमारी बढ़ने का खतरा भी बढ़ता है। यूं तो हर साल दिसंबर के 10 तारीख तक सिलीगुड़ी की सड़कों पर शाम के बाद धुंध या कोहरा छाने लगता है। लेकिन इस साल धुंध भी काफी कम है। इधर कोलकाता में तूफान आने के संकेत भर से मौसम पूरी तरह से बदल गया। उसपर लगातार तीन दिनों की बारिश ने मौसम को काफी सुहाना बना दिया है। गुरुवार को भी कोलकाता में बारिश होने के कारण दिन का तापमान दिन 28 डिग्री व रात में वह घटकर 19 डिग्री तक लुढक गया। जबकि पहाड़ के तराई में रहते हुए हम सिलीगुड़ीवासियों को 10 दिसंबर तक 27 डिग्री सेलसियस तापमान झेलना पड़ रहा है। इसबार ठंड कोलकाता पर खास तौर पर मेहरवान लगता है। मौसम विभाग का रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि साल 2018 में 1 लेकर 10 दिसंबर तक सिलीगुड़ी में रात में पारा 13, 14 व 15 डिग्री के आसपास घुम रहा था। वहीं कोलकाता में 2018 में 1 से 10 दिसंबर तक दिन में 29 – 30 डिग्री व रात में 20 से 21 डिग्री सेलसियस तक रहता था। 2019 में भी लगभग ऐसा ही रहा। 2020 में भी देखें तो कोलकाता में इस समय अवधी में दिन का तापमान 31 से 32 डिग्री व रात का तापमान 23 से 25 डिग्री के आसपास घूमता रहा। वहीं इस साल 2021 के 1 से 10 दिसंबर का कोलकाता का तापमान काफी ठंड व राहत देने वाला है। जहां दिन के समय 26 से 28 डिग्री तो रात के समय 19 से 20 डिग्री तक लुढक रहा है। वहीं दिसंबर महीने के 10 दिन बीत जाने के बाद सिलीगुड़ीवासियों को ठंड का एहसास नहीं हो रहा। हालांकि सिलीगुड़ी के पास दार्जिलिंग पहाड़ पर पारा 4 डिग्री तक लुढक गया है। कोलकाता के राज्य मौसम विभाग की ओर से आगामी सप्ताह तक दक्षिण के साथ ही उत्तरबंगाल में भी ठंड बढ़ने की संभावना जतायी गयी है। इससे कड़ाके की ठंड का लुफ्त उठाने को बेताब सिलीगुड़ीवासीयों में कुछ उम्मीद बढ़ी है।

बाइक व साइकिल के टक्कर में 28 वर्षीय साइकिल सवार की मौत

खोरीबाड़ी। खोरीबाड़ी थाना अंतर्गत तराई टी फैक्ट्री के पास एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गयी जबकि एक अन्य युवक व युवती गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घायलों को तुरंत उत्तरबंगाल मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। घटना खोरीबाड़ी स्थित पीडब्लूडी कार्यालय इलाके में हुई है। खोरीबाड़ी थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए उत्तरबंगाल मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। मृतक की पहचान राजा मुखर्जी (28) के तौर पर हुई है।

जानकारी मिली है कि गुरुवार देर शाम खोरीबाड़ी थाना अंतर्गत पीडब्लूडी इलाके में तेज रफ्तार बाइक व साइकिल के बीच जोरदार टक्कर होने से साइकिल चालकर राजा मुखर्जी (28) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। जबकि बाइक सवार युवक गलगलिया बिहार निवासी चंदन ठाकुर व युवती गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों व खोरीबाड़ी थाना पुलिस की तत्परता से घायलों को तुरंत उत्तरबंगाल मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उसे भी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। मामले की छानबीन चल रही है।

वर्षाजल संरक्षण के जरिए पहाड़ में दूर होगी पानी की समस्या

दार्जिलिंग। वर्षाजल संरक्षण के जरिए पहाड़ में पानी की समस्या दूरीकरण के लिए दार्जिलिंग में शहरी विकास विभाग व नगरपालिका विभाग की ओर से गुरुवार को एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसके जरिए दार्जिलिंग पहाड़ के 3 हजार से ज्यादा बीपीएल कार्ड धारियों को जल संरक्षण के संयन्त्र प्रदान किये गये। यह प्रोजक्ट मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट एंड फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज व नावार्ड की फंडिंग से शुरू किया गया है। स्थानीय नगरपालिका के साथ मिलकर इलाके के 3 हजार लोगों को बारिश का पानी जमा कर उसके बेहतर इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गयी। सभी लाभार्थियों को दो स्टोरेज टैंक, इंस्टॉलेशन पाईप वाटर फिल्टर, कैन्डल, जियोलीन आदि प्रदान किया गया। इसके अलावे इस पानी को पीने योग्य बनाने के विषय को लेकर एक वर्कशॉप में लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों ने इस प्रोजक्ट के जरिए हुए लाभ के संबन्ध में भी बताया।

हम जानते हैं पहाड़ के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। ऐसे में बारिश का पानी संरक्षण कर वे अपने घरों में ही पानी का श्रोत बना सके इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार के साथ ही स्थानीय प्रशासन आगे आकर प्रशिक्षण दे रहा है। नगरपालिका मामलों व शहरी विकास विभाग की संयुक्त सचिव नंदिनी घोष ने बताया कि शुक्रवार को इस तरह का कार्यक्रम मिरिक में भी आयोजित की जायेगी। इसके साथ कार्शियांग व कालिंमपोंग में भी वर्षाजल संरक्षण प्रोजक्ट बनाने की योजना है।

पानीघाटा पुलिस व स्वयं सेवी संगठन से जरूरतमंदों को मिली मदद

नक्सलबाड़ी। पानीघाटा पुलिस, स्वयं सेवी संगठन बोंधु व लायंस नेत्रालय सिलीगुड़ी एवं श्री रामकृष्ण आश्रम की पहल पर जरूरतमंदों लोगों की निःशुल्क नेत्र व स्वास्थ्य जांच के साथ ही उनमें गर्म कपड़े वितरित किये गये। यह कार्यक्रम बेलगाछी सामुदायिक भवन में आयोजित की गयी। जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने निःशुल्क नेत्र जांच का लाभ उठाया साथ ही ठंड से बचने के लिए उन्हें चादर भी दिये गये।
दार्जिलिंग जिला पुलिस अन्तर्गत पानीघाटा पुलिस की पहल पर स्वयं सेवी संगठन बोंधु व लायंस नेत्रालय सिलीगुड़ी के सहयोग से गुरुवार को बेलगाछी सामुदायिक भवन में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में श्री रामकृष्ण आश्रम की ओर से जरूरतमंदों के बीच चादर वितरण किया गया। इस अवसर पर नक्सलबाड़ी सीआई सुदीप्त सरकार, नक्सलबाड़ी थाना ओसी इफ्तेखार उल हसन, पानीघाटा पुलिस पोस्ट ओसी सुप्रकाश सरकार, रामकृष्ण आश्रम नक्सलबाड़ी के उपाध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद, उपसचिव भास्कर राय, कोषाध्यक्ष परितोष वर्धन, वीरेन कर्मकार, बेलगाछी टी स्टेट मैनेजर रवींद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । जानकारी देते हुए पानीघाटा पुलिस पोस्ट ओसी सुप्रकाश सरकार ने बताया कि नेत्र जांच शिविर में 224 लोगों का नेत्र जांच किया गया। जिसमें 11 लोगों का ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया । उन्होने बताया शिविर में मधुमेह का भी जांच किया गया। वहीं नक्सलबाड़ी श्री रामकृष्ण आश्रम के वीरेन कर्मकार ने बताया नक्सलबाड़ी श्री रामकृष्ण आश्रम की ओर उक्त शिविर में 250 जरूरतमंद लोगों में चादर वितरित किया गया ।

त्रीस्तरीय जांच के बाद सर्वाधिक सुरक्षित हेलिकॉप्टर दुर्घटना, क्या महज एक हादसा हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स व एकमात्र जिंदा बजे गुप कैप्टन पर टिकी निगाहें

सिलीगुड़ी। देश के सर्वाधिक सुरक्षित हेलिकॉप्टर में सवार सर्वोच्च सैन्य अधिकारी जनरल बिपिन रावत समेत कई सैन्य अधिकारियों का दुर्घटनाग्रस्त होना पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुरा देश शोक में डूबा है। सभी के दिलों में एक ही सवाल है, क्या यह महज एक हादसा था ? या इसके पीछे कोई बड़ा रहस्य काम कर रहा है ? क्योंकि देश के आतंकियों के लिए सीडीएस जनरल बिपिन रावत एक बड़ी चुनौती थे। घटना की छानबीन के लिये जांच दल गठित की गई है। घटनास्थल से हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स भी बरामद हुआ है। उम्मीद है जल्द ही इस सवाल का सही जवाब लोगों के सामने होगा। लोगों के दिलों में सवाल उठना भी लाजमी है। क्योंकि सर्बोच्च सैन्य अधिकारी समेत कई सैन्य अधिकारी व देश का सर्वाधिक सुरक्षित हेलिकॉप्टर जलकर राख हो गया है। जबकि इस तरह के वीआईपी मुवमेंट की स्थिति में हेलिकॉप्टर के उड़ने से पहले ही इसकी त्रीस्तरीय जांच होना प्रोटोकॉल है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर 26 घंटे से अधिक समय तक बिना किसी रुकावट के उड़ान भर चुका था। सूत्रों के अनुसार इस विशेष हेलीकॉप्टर की पिछली 2-3 उड़ानों में भी सिस्टम में कोई खराबी या कोई तकनीकी विफलता नहीं थी। इसके अलावे इस हेलिकॉप्टर की कई अन्य विशेषताएं हैं जैसे यह जल, थल व हवा में आसानी से चल सकता है। इंजन खराब होने पर आसानी से हवा में तैर सकता है। बिना पाइलट के भी यह उड़ने में सक्षम है। यह रेगिस्तान के रेतीले तूफान व सामुद्रिक आपदा में भी चलने में सक्षम है। घने कोहरे में चलने के लिए यह इमरजेन्सी लाइट व सर्चलाइट से लैस है। मुख्य टैंक के इंधन से 675 किलोमीटर व जरुरत पड़ने पर अन्य दो सहयोगी टैंक की मदद से 1200 किलोमीटर तक उड़ सकता है। अब सवाल उठता है कि फिर इतनी बड़ी खामी कहां रह गई जिसने देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी की जान ले ली।
हादसे में एकमात्र जिंदा बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन हॉस्पिटल में लाइफ सपोर्ट पर है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत की सुरक्षा में तैनात थे दार्जिलिंग निवासी सतपाल राई। दुर्घटना में उनका भी निधन हो गया। वह 41 वर्ष के थे। सतपाल दार्जिलिंग के ग्लेनबर्न चाय बागान के निवासी थे। कुन्नुर से उड़ान भरने से पहले भी सतपाल ने दार्जिलिंग में अपने घर अपने माता-पिता, पत्नी व बेटी के साथ वीडीओ कॉल पर बातचीत की थी। करीब डेढ़ घंटे बाद ही उनके घर पर यह दुखद समाचार उनके सेना जवान बेटे ने दिल्ली से फोन पर दी। घटना को लेकर दार्जिलिंग में ताकदा इलाका अपने सपूत के शोक में शोकाकुल है। घटनास्थल से हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स के बरामद कर लिया गया है। इस ब्लैक बॉक्स में करीब 80 गतिविधियों को प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया जाता है। इसमें 25 घंटे का रिकॉर्डिंग स्टोरेज रहता है। पायलटों की आपसी बातचीत व उनकी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत भी रिकॉर्ड होता है। इसके जरिए जांच दल को घटना की छानबीन में काफी मदद की उम्मीद है।
जनरल बिपिन रावत बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली से उड़कर तमिलनाडु के सुलुर सेना कैंप फिर वहां से वेलिंगटन। वेलिंगटन से 11.45 बजे उड़ने के बाद 16 किलोमीटर दूर कुन्नुर के जंगल में यह भयावह दुर्घटना 12.20 बजे घटी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 12.08 बजे एटीसी से हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया था। सीडीएस जनरल बिपिन रावत को देश उनके कारनामों के कारण हमेशा याद रखेगा। जब भी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने की बात आएगी तब तब उनका नाम बड़े सम्‍मान के साथ लिया जाएगा। म्‍यांमार में हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक हो या फिर उरी हमले के बाद गुलाम कश्‍मीर में हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक या फिर बालाकोट की एयर स्‍ट्राइक, सभी में उनकी बड़ी भूमिका रही। घटना को लेकर पूरे देश में शोक का माहौल है।

तस्करों व बीएसएफ के बीच टकराव का बढ़ा इलाका, प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने बीडीओ-आईसी को चेताया

सिलीगुड़ी। — पश्चिमबंगाल के लगभग 2,216 किलोमीटर इलाका भारत-बांग्लादेश सीमांत इलाका है। इसमें लगभग 1,600 किलोमीटर कांटा तार से घिरा है, लेकिन 500 किलोमीटर से ज्यादा इलाका आज भी खुला है। जिसमें गंगा व महानंदा नदी का इलाका भी शामिल है। इस खुले इलाके से दोनों देशों के बीच चल रहे विभिन्न अवैध व आपराधिक क्रिया कलाप से हम अंजान नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा बीएसएफ की क्षमता बढ़ाते हुए उसे 50 किलोमीटर इलाके तक छानबीन का अधिकार दिया गया है। वहीं राज्य सरकार द्वारा इसका लगातार विरोध किया जा रहा है। 7 दिसंबर को उत्तर दिनाजपुर जिले में प्रशासनिक बैठक में भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इलाके के बीडीओ व आईसी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बीएसएफ के अनाधिकार प्रवेश व इससे कोई अप्रीय घटना ना घटे इसपर कड़ी नजर रखें। पुलिस अपने इलाके में बीएसएफ को प्रवेश ना करने दें इसके लिए भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं। जाहिर है बीएसएफ की क्षमता बढ़ने से सीमांत पर अपराध घटे या ना घटे, टकराव अवश्य बढ़ेगा।
मालदा से लेकर दक्षिण व उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग जिले का फुलबाड़ी सीमांत व कूचबिहार जिले का विस्तीर्ण इलाका बांग्लादेश से सटा है। इनमें विभिन्न प्रकार या यूं कहें कि हर प्रकार का अवैध कारोबार सक्रीय है। नशा तस्करी हो या मानव तस्करी, पशु तस्करी हो या हथियार, सीमांत इलाके में दिनरात इन अवैध कारोबार का बोलबाला चलता है। वहीं इसे रोकने के लिए बीएसएफ के जवान भी दिनरात सीमांत की निगरानी पर चौकस हैं। लेकिन कभी बीएसएफ जवानों की आंखों में धूल झोंककर तो कभी उनके साथ मिलीभगत कर ये अवैध कारोबारी अपना काम निकाल ही लेते हैं। बीएसएफ के साथ इन अपराधियों का मुठभेड़ भी लगा रहता है। बीएसएफ की गोली से सीमांतवासियों की जाने जाती हैं तो कभी सीमांतवासियों के हमले में बीएसएफ के जवान घायल या शहीद तक हो जाते हैं। लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों व सीमांत इलाकों में अपराध कम होते नहीं दिख रहा। मालदा में गंगा व महानंदा नदी मार्ग से सर्दी के दिनों में घने कोहरे का सहारा लेकर ये अवैध कारोबार और तेज हो जाते हैं। मालदा हो या कूचबिहार सीमापार एक गाय पहुंचाने का मेहनताना मिलता है 10 हजार रुपये। तस्कर शाम होने से पहले ही स्थानीय लोगों से तालमेल बनाकर उनके ग्वालघर में अपनी गाय रख जाते हैं, रात बढ़ते ही वे खुद आकर इन गायों को उसपार पहुंचाते हैं। स्थानीय राजनैतिक हस्तियां सबकुछ देखकर भी अनदेखा मूक दर्शक हैं। सरकार द्वारा बीएसएफ की क्षमता बढ़ाते हुए उसे 50 किलोमीटर इलाके तक छानबीन का अधिकार दिया गया है। या यूं कहे कि अब तस्करों व बीएसएफ के बीच टकराव का इलाका बढ़ गया है।