Awareness

कांग्रेस का वोटबैंक तोड़ेगी दीदी, हमारा होगा लाभ : हेमंत विश्व शर्मा

सिलीगुड़ी।असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा आज सिलीगुड़ी आए। वे शहर के लेक टाउन इलाके में स्थित असम के पूर्व विधायक आलोक घोष के घर गए, जहां उन्होंने उनके परिजनों से बातचीत की।

बाद में पत्रकारों से बात करते हुवे उन्होंने कहा कि असम और त्रिपुरा में दीदी की तृणमूल कांग्रेस अगर जाती है, तो वहां कांग्रेस के ही वोट कटेंगे, जिससे भारतीय जनता पार्टी को सीधा लाभ होगा। असम कांग्रेस की एक पूर्व नेत्री सुष्मिता देव के तृणमूल में शामिल होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सुष्मिता सिर्फ एक इलाके का ही प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का वोट बैंक बंगाल में है। वे बंगाल में ही राजनीति करती हैं। अगर वे असम में आती है, तो कांग्रेस और यू डी एफ के वोट बैंक को ही तोड़ेगी, जो हमारे लिए अच्छा होगा। इसलिए दीदी असम आती है तो तो हम उनका स्वागत करेंगे।

महाराष्ट्र के लातूर गांव को मिला मुफ्त वाई-फाई कनेक्शन

A rural village in Maharashtra’s Latur district has become the first to get a free Wi-Fi connection, aiding relief to students who can now attend online lectures without having to worry about network difficulties.
Manoj Raut, a Block Development Officer (BDO), claimed that while providing free internet connection, irrelevant sites are prohibited.
“This initiative is part of the ‘Sundar Maza Gav’ (My Beautiful Village) programme proposed by divisional commissioner Sunil Kendrekar and Bala (Building as Learning Aid) initiative of Zilla Parishad CEO Abhinav Goyal which is aimed at developing the village as a smart model village,” Mr. Raut said
Sarita Yalmate, a resident of Nagtirthwadi village, which has a population of 552, told PTI that earlier, homemakers like her had little choice but to rely on their husbands to use hotspots to access the internet.
“Now, housewives need not have to wait for their husbands as the Gram Panchayat has provided free Wi-Fi connection. This is the first step in realizing Prime Minister Narendra Modi’s Digital India dream. All villagers are happy to get internet now,” she said
Twelve sound speakers were placed across the area in addition to the other activities, to relay religious music and prayers every morning. Also, morning and evening news bulletins are broadcasted through these speakers. According to authorities, this facility is also utilized to convey vital instructions to locals.

जाने.माने पत्रकार लक्ष्मीकांत दुबे का निधन

कोलकाता। जाने.माने पत्रकार लक्ष्मीकांत दुबे का निधन हो गया है। सिलीगुड़ी के ज्योति नगर स्थित उनके फ्लैट से उनका शव बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । हालाकि मौत के सही कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है। बताते चलें कि लक्ष्मी कांत दुबे दैनिक जागरण दैनिक भास्कर सन्मार्ग जैसे बड़े अखबारों में काम कर चुके थे । वह उत्तर भारत के जाने.माने पत्रकारों में शुमार थे। उनके निधन पर सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट्स क्लब ने शोक व्यक्त किया है । साथ ही जाने.माने वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपनी संवेदना जाहिर की है।

महामारी से जान गंवाने वाले के परिजनों को मुआवजा देने का रास्ता साफ !

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 महामारी से जान गंवाने वाले के परिजनों को मुआवजा देने का रास्ता साफ कर दिया है। उसने आज एक अहम आदेश में कहा कि मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये का ही मुआवजा मिले यह जरूरी नहीं है, लेकिन उन्हें मुआवजा जरूर देना होगा क्योंकि यह सरकार का संवैधानिक दायित्व है। जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।) ऐक्ट की धारा-12 का जिक्र करते हुए कहा कि आपदा में मृत्यु पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है जिसे पूरा करना सरकार का दायित्व है।
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने एनडीएमए को गाइडलाइंस तैयार करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनडीएमए अपनी गाइडलाइंस में कोविड से मौत के मामले में न्यूनतम मुआवजा राशि देने की सिफारिश करे। ध्यान रहे कि कोविड से मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआजवा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र ने कहा था कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा-12 का प्रावधान अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि हम कोविड से मौत के मामले में मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि देने के मामले में एनडीएमए को निर्देश देते हैं कि वह गाइडलाइंस तय करे ताकि न्यूततम पैमाने के तहत राहत मिले। हम नैशनल अथॉरिटी पर छोड़ते हैं कि वह उचित रकम मुआवजे के लिए तय करे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में ये भी कहा है कि कोविड से मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के दौरान उसमें तारीख और मौत का कारण कोविड लिखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर परिजन संतुष्ट नहीं हैं तो मौत का कारण सही करने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाए।
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता गौरव कुमार बंसल और एक अन्य याची ने कहा है कि कोविड से होने वाली मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।

वन नेशन- वन राशन कार्ड योजना 31 जुलाई तक पूरे देश में लागू करने का फरमान

नई दिल्ली। एक देश एक राशन कार्ड योजना 31 जुलाई तक पूरे देश में शुरू हो जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसा करने का निर्देश दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार को प्रवासी श्रमिकों के साथ-साथ राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों पर विचार करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए एक केंद्रीय पोर्टल बनाने का निर्देश दिया है। 31 जुलाई तक ऐसा करने की बात कही गई है।
इसके अलावा, राज्य और केंद्र को एक संयुक्त संदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य श्रमिकों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था करे और केंद्र राशन भेजने की व्यवस्था करे। गौरतलब है कि एक देश पहले ही देश के कई राज्यों में एक राशन कार्ड की शुरुआत कर चुका है, लेकिन बंगाल में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। राज्य-केंद्र संघर्ष इस मुद्दे में एक से अधिक बार शामिल रहा है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी भूखा न रहे, और यदि आवश्यक हो तो सामुदायिक रसोई चलाएं। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ ने सभी निर्देश देते हुए केंद्र और राज्यों दोनों को तुरंत काम शुरू करने और 31 जुलाई के बाद इस मामले में किसी भी तरह की छूट नहीं देने का संदेश दिया है.
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के सभी कार्ड धारकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के किसी भी हिस्से से राशन सामग्री प्राप्त करने की छूट मिलती है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक देश एक राशन कार्ड योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के किसी भी हिस्से में रहकर राशन प्राप्त करने में कोई समस्या न हो. इसके अलावा, केंद्र को पोर्टल बनाने और आवश्यकतानुसार राज्यों को राशन वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

15 जुलाई तक लाॅकडाउन जारी

15 जुलाई तक लाॅकडाउन बढ़ाया गया
कोलकाता। सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सरकारी बसें, निजी बसें व सार्वजनिक-निजी बसें 50 प्रतिशत यात्रियों को ले जा सकेंगी। हालांकि, फिलहाल लोकल ट्रेनों पर पाबंदियां रहेंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक लाॅकडाउन जारी रहेगा।
आज मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 50 फीसदी ग्राहकों के साथ सैलून, पार्लर सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खोले जा सकेंगे। सब्जी और मछली बाजार सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुले रहेंगे। अन्य सभी दुकानें सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुली रखी जा सकती हैं। 50 प्रतिशत लोगों के साथ जिम खोला जा सकता है। तत्काल जरूरतों को छोड़कर रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक प्रतिबंद्ध लागू रहेगा। सभी निजी कार्यालय 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ खोले जा सकते हैं। सभी निजी कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खुले रखे जा सकेंगे। कंपनी को कर्मचारियों के परिवहन की व्यवस्था खुद करनी होगी। कुछ रियायतों के साथ स्थिति को देखते हुए अगला कदम उठाया जाएगा।
फर्जी आईएएस देबंजन देब के फर्जी टीकाकरण शिविर के बारे में पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, जो लोगों की जान से खेलते हैं, वे आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं। राज्य में 21 मिलियन लोग पहले ही कोरोना वैक्सीन प्राप्त कर चुके हैं। फोटो दिखाकर ठगी करने वालों को छूट नहीं दी जाएगी। तस्वीरों का इस्तेमाल करना धोखेबाजों का काम है। धोखेबाज की मदद करने वालों को भी नहीं छोड़ा जायेगा।

विदेश जाने की तैयारी करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली । देश में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए तेजी से कोविड टीकाकरण अभियान चल रहा है। देश में अधिकतर लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन दी जा रही है, लेकिन इससे जुड़ी एक खबर ने विदेश जाने की तैयारी करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, कोविशील्ड को अभी कई देशों ने अपने यहां मान्यता नहीं दी है। वहीं कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले यात्रियों को यूरोपीय संघ के देश अपने यहां आने की इजाजत नहीं देंगे। यूरोपीय संघ के कई सदस्य देशों ने डिजिटल वैक्सीन पासपोर्ट जारी करना शुरू कर दिया है, जो यूरोपीय लोगों को काम या पर्यटन के लिए स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति देगा। वैक्सीन पासपोर्ट इस बात के प्रमाण के रूप में काम करेगा कि किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस से प्रतिरक्षा देने वाला टीका लग गया है। यूरोपीय संघ ने पहले कहा था कि सदस्य देशों को कोविड-19 वैक्सीन के प्रकार की परवाह किए बिना प्रमाण पत्र जारी करना चाहिए, लेकिन ‘ग्रीन पास’ की तकनीकी विशिष्टताओं से संकेत मिल रहे हैं कि यह ईयू-व्यापी विपणन प्राधिकरण से प्राप्त करने वाले कोविड टीकों तक ही सीमित होगा।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति दिवस पर रोपे गये पौधे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति दिवस के अवसर पर सिलीगुड़ी सांगठनिक जिला की ओर से फांसीदेवा व माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में 800 पौधे रोपे गए। फाँसीदेवा के बीजेपी विधायक श्री दुर्गा मुर्मू, राष्ट्रीय परिषद सदस्य गणेश देबनाथ, जिला महासचिव मनोरंजन मंडल, उपाध्यक्ष श्रीमती बानी पाल और सचिव साम्य मुखर्जी इस मौके पर उपस्थित थे।

देशभर में एक जुलाई से स्कूल- कॉलेज खोले जा सकते हैं!

देशभर में एक जुलाई से स्कूल- कॉलेज खोले जा सकते हैं। कोरोना के मामले की कमी को देखते हुए इस बारे में विचार हो रहा है। इसके साथ दूसरे सभी शैक्षणिक संस्थान भी खोले जा सकते हैं लेकिन अभी संस्थानों में परीक्षा दाखिले और शोध कार्यों की ही अनुमति रहेगी। कोरोना की तीसरी लहर के आने की संभावनाओं को देखते हुए कक्षाओं के संचालन को लेकर अभी भी असमंजस बरकरार है। ज्यादा संभावना है कि कक्षाओं को ऑनलाइन ही खोला जाए। शिक्षा मंत्रालय इसके लिए गाइडलाइन जारी कर सकता है।
कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूल- कॉलेज चरणबद्ध तरीके से फिर से खोले जा सकते हैं। लगभग सभी राज्यों में बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में जाने की अनुमति देने के लिए एक लिखित सहमति आवश्यक होगी।
वहीं यूपी सरकार ने राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने विचार कर सकती है। फिलहाल सरकार के आदेश पर स्कूल 30 जून तक के लिए बंद हैं और उनके आदेश पर ही आगे खुलेंगे।
वहीं बिहार एक जुलाई से ऑफलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल खोल सकता है। बिहार बोर्ड पहले ही कक्षा 10, 12 की परीक्षा आयोजित कर चुका है और परिणाम भी घोषित कर दिया है। स्कूल- कॉलेज खोलने को लेकर शिक्षा मंत्री का कहना है कि कोरोना के मामले कम होते हैं तो राज्य सरकार और शिक्षा विभाग दोनों ही शैक्षिक संस्थान खोलने के पक्ष में है। ज्यादा स्कूल-कॉलेज बंद होने से छात्रों का नुकसान हो रहा है। 5 अप्रैल से बंद राज्य के शैक्षणिक संस्थान चरणबद्ध ढंग से खुलेंगे। पहले उच्च शिक्षा के संस्थान खोले जाएंगे। फिर उच्च माध्यमिक और उसके बाद माध्यमिक।

20 जुलाई को माध्यमिक व 25 को उच्च माध्यमिक का रिजल्ट

कोलकाता । 20 जुलाई को माध्यमिक व 25 को उच्च माध्यमिक का रिजल्ट आ सकता है। शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई बोर्ड की तरह जुलाई में ही रिजल्ट निकाला जाएगा। अधिकारी के मुताबिक पहले ही कोरोना व लॉकडाउन के कारण काफी देर हो चुकी है। इस बारे अधिकारी ने बताया कि 20 जुलाई को माध्यमिक का परिणाम आ जाएगा। वहीं उच्च माध्यमिक पार्षद की ओर से कहा गया है 25 से 30 के अंदर रिजल्ट निकाल दिया जाएगा।
छात्रों के माध्यमिक परीक्षा में मूल्यांकन में अगर गड़बड़ी हुई तो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा। इसमें स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। शनिवार को वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से कहा गया है कि छात्रों को नम्बर देने में अगर कोई गड़बड़ी पायी गयी तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि कोरोना के कारण इस बार माध्यमिक व उच्चमाध्यमिक की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था। इसके बदले स्कूलों से उनका मूल्यांकन करने को कहा गया है। अब बोर्ड को ऐसा लगा है कि कुछ स्कूल इसमें छात्रों के मार्क्स बढ़ा सकते हैं, इसलिए बोर्ड की ओर से पहले ही चेतावनी दे दी गयी है। यहां बताते चलें कि दोनों बोर्ड ने शुक्रवार को मूल्यांकन मापदंड की घोषणा करते हुए कहा कि 2021 के लिए 10 वीं कक्षा के नतीजे में 50 – 50 फार्मूला का पालन होगा। इसके तहत छात्र की नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा और 10 वीं में आंतरिक मूल्यांकन को ध्यान में रखा जाएगा। वर्ष 2019 माध्यमिक (कक्षा दसवीं) परीक्षा में 7 विषयों में से 4 विषयों के सबसे ज्यादा अंक को भारांक मानने के साथ छात्र के 11 वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के अंक को ध्यान में रखा जाएगा। इस भारांक के साथ 12 वीं कक्षा के प्रोजेक्ट-प्रैक्टिकल में मिले कुल अंक को जोड़ा जाएगा। मूल्यांकन 40-60 के अनुपात (2019 के माध्यमिक के परिणाम के साथ चार विषयों के सबसे ज्यादा अंक और 11 वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के अंक) में होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विज्ञान, कला विषयों के छात्रों के कक्षा 12 वीं में प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट के अंक को मूल्यांकन में जोड़ा जाएगा। साथ में यह भी कहा गया है कि अगर इस पद्धति पर अगर सभी राजी नहीं हुए तो बाद में परीक्षा ली जा सकती है।