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International Dog Day 2021

Every year on August 26th, International Dog Day is observed throughout the globe. The day is celebrated to honor all dogs, regardless of breed, size, or shape. It is also observed to encourage people to adopt dogs rather than purchase them from pet stores.
Colleen Paige, a Pet & Family Lifestyle Expert, Animal Rescue Advocate, Conservationist, Dog Trainer, and Author, founded International Dog Day in 2004. On August 26, 2004, the first International Dog Day was celebrated.
Paige’s family adopted their first dog, a Sheltie, when he was ten years old, on August 26th.
Colleen Paige is also the founder of many such days like National Puppy Day, National Mutt Day, National Cat Day, and National Wildlife Day.
International Dog day is celebrated every year to raise awareness about the problems faced by dogs all around the world. Many dogs need to be rescued because people do not take appropriate care of them. Some are abused and some are even brutally killed. Also, the aim of International Dog day is to encourage people to take better care of their furry friends as they deserve a better life.

CBI registers 9 Fresh FIR in connection with Post Poll Violence in West Bengal

New Delhi: The CBI has begun an investigation into the post-election violence in West Bengal. According to a recent update, the CBI has filed nine new FIRs in the investigation, with many more on the way. The team also arrived at the home of Abhijeet Sarkar, who was killed during the unrest in Bengal, last week. The investigation is likely to go more quickly now that all of the SIT teams are in Bengal. The Calcutta High Court stated that the investigation into West Bengal’s post-election violence should be handed over to the Central Bureau of Investigation (CBI). According to the Calcutta High Court’s judgment, the West Bengal government is designated to handle the compensation claims as soon as possible. The CBI special teams will be positioned in New Delhi and would look into incidents of rape and assault in connection to the post Poll Violence in West Bengal. CBI and SIT have been given six weeks to produce a status report for the same. All other cases identified by the NHRC committee were also submitted to a Special Investigation Team (SIT) for investigation.

बड़ी संख्या में मवेशी, फेनसिडाईल, एम के डाईल, गांजा और अन्य विविध वस्तुओं की जब्ती

पश्चिम बंगाल के भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात उत्तर बंगाल सीमा सुरक्षा बल के अंतर्गत सीमा प्रहरियों ने उत्तर बंगाल फ्रंटियर सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक श्री रवि गांधी के नेतृत्व में सीमा पर लगातार चौकसी बरती जा रही है । दिनांक 22 से 23 अगस्त 2021, राष्ट्र विरोधी तत्वों के तस्करी और घुसपैठ के नापाक इरादों को विफल करते हुए, उत्तर बंगाल फ्रंटियर के सीमा प्रहरीयों ने अपने-अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष तस्करी विरोधी अभियान चलाया तथा विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मवेशी कुल 66 मवेशी, 125 बोतल फेनसिडाईल, 100 बोतल एम के डाईल, 05 किलोग्राम कैनबिस (गांजा) और अन्य विविध वस्तुएं जब्त किये। जब्त किए गए वस्तुएं की कुल कीमत रू.7,08,835/- आकीं गई है। उपरोक्त वस्तुओं को सीमा सुरक्षा बल के सीमा प्रहरीयों ने उस समय जब्त किया, जब तस्करों ने इन वस्तुओं को भारत से बांग्लादेश ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

चुनाव बाद हिंसा मामले में सुनाया गया फैसला

कोलकाता। बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने राय दे दी है कि इस मामले में हत्या और बलात्कार जैसी घटनाओं की जांच सीबीआई से कराई जाए। पांच न्यायाधीशों के वृहत्तर बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया कि दूसरे मामलों की जांच एसआईटी करेगी। भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने जहां इस फैसले का स्वागत किया हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के बाद जो कुछ भी हुआ, वह लज्जाजनक है जिन लोगों पर अत्याचार हुआ, इस फैसले से उन्हें न्याय मिलेगा। फैसले पर टिप्पणी करते हुए माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य हन्नान मौला ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं तृणमूल के जमाने में हमारे भी 778 नेताओं कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। करीब 1एक लाख तीस हजार लोग बेघर हुवे। राज्य में कानून का नहीं, बल्कि दल का शासन चल रहा है और देशवासियों को यह जानना जरूरी है। उधर तृणमूल की तरफ से इस फैसले को संविधान विरोधी बताया गया है। समझा जा रहा है कि राज्य सरकार फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगा सकती हैं।

सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेंगी ममता बनर्जी

कोलकाता। लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर विपक्ष एकजुट होता दिख रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दे 20 अगस्त को वर्चुअल प्लेटफार्म पर एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में समान विचारधारा वाली पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। खबर है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस बैठक में भाग लेगी। बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आलावा वाम मोर्चा के कुछ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को संयुक्त मोर्चा की तैयारी की बैठक के रूप में देखा जा रहा है। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष अपनी एकजुटता दिखा चुका है। कई मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हुई, जिसके विरोध में संसद से लेकर विजय चौक तक मार्च भी निकाला गया था। अब फिर से विपक्ष एक बैठक में संगठित होकर भारतीय जनता पार्टी खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए एकजुट होता दिख रहा है।

उधर तृणमूल कांग्रेस भी लगातार भाजपा के खिलाफ विरोधी पार्टियों को एकजुट करने में जुटी हुई है। राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली गई थी और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच एक साथ मिलकर काम करने की सहमति भी हुई थी।

दालखोला में सड़क हादसा, दो की मौत, तीन जख्मी

इस्लामपुर। उत्तर दिनाजपुर जिले के दालखोला थाना के बस्ताडांगी में राजमार्ग 31 पर एक बस एवं बोलेरो की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मृतकों के नाम मोहम्मद रमजान और मोहम्मद लादेन है। दोनों दालखोला के निवासी थे। स्थानीय सूत्रों से ज्ञात हुआ कि दलखोला की तरफ से आ रही एक बोलेरो किशनगंज की ओर जा रही थी। उसी वक्त विपरीत दिशा से आ रही एक बस से बोलेरो की टक्कर हो गई।

दुर्घटना में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। बाकी तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि बस रोंग साइड से आ रही थी जिसके कारण दुर्घटना घटी। दुर्घटना की खबर मिलते ही दालखोला पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अस्पताल भेजा गया है। घटना की जांच शुरू हो गई है

सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में शशी थरूर स्पेशल कोर्ट से बरी

नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में बरी कर दिया। ज्ञात हो कि वर्ष 2014 की 17 जुलाई को दिल्ली के एक होटल में सुनंदा पुष्कर की लाश मिली थी। अदालत का फैसला आने के बाद शशि थरूर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। उनके खिलाफ सारे आरोप बेबुनियाद थे। वे पिछले 7 साल से दर्द और यातनाएं झेल रहे थे, लेकिन न्यायपालिका पर उन्हें भरोसा था। अब जबकि फैसला हो चुका है वे और उनका परिवार सुनंदा की यादों के साथ शांति से जीवन गुजार सकेंगे। 17 जुलाई 2014 को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में सुनंदा पुष्कर की मौत हुई थी। होटल में सुनंदा के कमरे में बिस्तर पर उनकी लाश पड़ी हुई थी। मामले में जांच पड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस ने उनके पति से शशि थरूर के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए और 306 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को सुनंदा के कमरे से अल्प्राजोलम की दो खाली स्ट्रिप्स भी मिली थी।

सात साल के बच्चे ने गूंथे हुवे आते से बनाई प्रतिमाएं

जलपाईगुड़ी। कोरोना काल के समय स्कूल बंद है। बच्चे ऑनलाइन क्लासेस कर रहे हैं।

ऑनलाइन क्लासेज के बाद जो समय बच रहा है, आज के बच्चे वह समय मोबाइल पर गेम खेलते हुए बिताते हैं। लेकिन 7 साल के एक बच्चे ने अपने खाली समय का अच्छा उपयोग किया है। बच्चे का नाम दीप्त चंद्र है। उम्र महज 7 साल। जलपाईगुड़ी के शिशु निकेतन विद्यालय में वह पहली कक्षा का छात्र है। स्कूल बंद होने के बाद जो खाली समय उसे मिला, उसमें इस बच्चे ने गूथे हुए आटे मैदा और रंग का उपयोग कर एक उंगली जितनी बड़ी मां दुर्गा और मां काली की प्रतिमाऐं बना कर कमाल कर दिया है। आस पास के लोग इस बच्चे की बनाई कलाकृति देखने उसके घर भीड़ लगा रहे है।

परिवारिक विवाद के चलते तीन की हत्या के आरोप

खोरीबाड़ी। पारिवारिक विवाद के चलते अपनी साली अपने ससुर के साथ-साथ पड़ोस में रहने वाले एक युवक की हत्या का आरोप एक व्यक्ति के खिलाफ उठे है। घटना सिलीगुड़ी से कुछ दूर स्थित खोरीबाड़ी थाने के सचिंद्र चंद्र चाय बागान के दीपा लाइन इलाके की बताई जा रही है। मृतकों में 67 वर्षीय महारू उरांव, 27 वर्षीय पेनो उराव एवं अल्बर्ट मिंज शामिल है। सोमवार शाम को घटी इस घटना से इलाके में सनसनी फैली हुई है। इसी बीच पुलिस पूरी घटना की जांच में जुट गई है। प्राथमिक तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के चलते यह घटना घटी। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि पेनो उराव सचिंद्रचंद्र चाय बागान मैं स्थाई श्रमिक के तौर पर काम करती थी। आरोप है कि सोमवार शाम को जब वह चाय बागान से काम कर अपने घर लौटी तो उसके बहनोई मारियानुस उराव ने एकाएक उस पर छुरी से वार करना शुरू कर दिया। अपनी बेटी को बचाने जब उसके पिता महारू उरांव आगे आए तो उन पर भी छूरी से प्रहार किया गया। शोर सुनकर जब पड़ोसी युवक अल्बर्ट मिंज इन को बचाने आया तो आरोपी ने उस पर भी छुरी से प्रहार किया और बाद में मौके से फरार हो गया। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटना की जांच में जुट गई। इसी बीच अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने महारो और पेनो को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में अल्बर्ट को उत्तरबंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर देर रात उसकी मौत की खबर है। इसी बीच पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आज उसे सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया।पूरी घटना की जांच शुरू हो गई हैं।

सुष्मिता देव ने छोड़ी कांग्रेस, तृणमूल में शामिल होने की अटकलें तेज

अधिकांश समय भारत की सत्ता पर काबिज रहने वाले कांग्रेस को अब झटके पर झटके लग रहे हैं। नया झटका असम में लगा है। असम में कांग्रेस के पूर्व सांसद और महिला इकाई की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कांग्रेस छोड़ दी है। सुष्मिता पूर्व कैबिनेट मंत्री संतोष मोहन देव की पुत्री है। वर्ष 2014 में असम के सिलचर संसदीय क्षेत्र के सुष्मिता ने चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। बाद में उन्हें ऑल इंडिया महिला कांग्रेस का भी कार्यभार दिया गया। हालांकि असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। अब सुष्मिता देव के इस्तीफे की खबरों से कांग्रेस की मुसीबत और बढ़ती जा रही है। खबर है कि इस्तीफा देने से पहले सुष्मिता देव ने कांग्रेस का व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिया था। उन्होंने ट्विटर में अपने बायो में भी परिवर्तन किया है और इसमें उन्होंने अपने आप को कांग्रेस का पूर्व नेता लिखा है। एकाएक सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिर से सवाल उठा रहे हैं। अब ऐसी अटकलें लगाई जा रही है कि कांग्रेस से अलग होने के बाद सुष्मिता देव तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि जल्द ही सुष्मिता देव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से मुलाकात कर सकती हैं।