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भूस्खलन से सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर यातायात बाधित

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में शुक्रवार को भूस्खलन में राष्ट्रीय राजमार्ग 55 का एक हिस्सा बह गया। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। तिनधरिया के निकट गैरीगांव इलाके में तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 40 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया। भूस्खलन से सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर यातायात बाधित हो गया है। ऐसी स्थिति में वाहनों को रोहिणी के रास्ते आवागमन कराया जा रहा है।

बीजेपी सिलीगुड़ी युवा मोर्चा के नेता राज्यपाल से मिलने दार्जिलिंग पहुंचे

बीजेपी सिलीगुड़ी युवा मोर्चा के संरक्षक रतन दास, अध्यक्ष कंचन देवनाथ, उपाध्यक्ष अनिकेत दास राज्यपाल से मिलने के लिए दार्जिलिंग के लिए रवाना हुए हैं। उनकी ओर से राज्यपाल से मिलकर क्या कहा जायेगा यह देखने वाली बात होगी। इससे पहले गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी के अलीपुरद्वार के सांसद जॉन बारला पंचायत सदस्यों, पंचायत प्रधान, जिला पंचायत के नेताओं के साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकर से मिले थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पंचायत सदस्यों व कैडरों को परेशान करने का आरोप लगाया था। यही नहीं बारला की तरफ से कहा गया है कि उनके नेताओं को डराया धमकाया जा रहा है। पुलिस व प्रशासन के पास जाने पर भी किसी भी प्रकार की सुरक्षा नहीं दी जा रही है। राज्यपाल की ओर से उन्हें आश्वासन मिला है। कानून पर उनका अब भी भरोसा है। कानून से बड़ा कोई नहीं है। बताते चले कि अदालत के निर्देश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार की टीम भी इन दिनों कूचबिहार के दौरे पर है। कूचबिहार में बीजेपी के कैडरों पर अत्याचार किये जाने का आरोप लगने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार की टीम इस बात का पता लगा रही है कि चुनाव के बाद राज्य में मानवाधिकार हनन के मामले हुए हैं या नहीं। वहीं राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी लगातार इस बात की ओर इशारा करते रहे हैं कि चुनाव के बाद राज्य में विपक्षी पार्टियों के कैडरों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। राज्यपाल स्वयं कूचबिहार में पीड़ितों से मिल चुके हैं। उनका यह भी कहना था निशाना बनाने वाले को खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं हुए हैं और न ही किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है।

कोरोना की दूसरी लहर के लिए सिर्फ केंद्र जिम्मेदार

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया है। ममता ने कोरोना की वैक्सीन बांटने के तरीके को भी गलत करार दिया। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को छह से आठ महीने का वक्त मिला था। उसमें उसने क्या किया? कोरोना की दूसरी लहर के लिए केंद्र ही जिम्मेदार है। उसका वैक्सीन बांटने का तरीका भी गलत है। महामारी फैलने के लिए विपक्ष को दोष क्यों दिया जा रहा है। चुनाव के दौरान कोरोना के मामलों में उछाल आ गया था। सब जानते हैं कि आठ चरणों में चुनाव कराए गए। हम लगातार मांग करते रहे कि चुनाव को एक चरण में कर दिया जाए लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी। एक चरण में चुनाव कराने से समस्याएं कम होतीं। जब चुनाव थे, उस वक्त पॉजिटिविटी रेट 33 फीसद के पार चला गया था, लेकिन अब हालात काबू में हैं और पॉजिटिविटी रेट भी तीन फीसद से नीचे आ गया है। कई सारे उपचुनाव होने अभी बाकी हैं। अब हालात काबू में हैं तो एक हफ्ते में उपचुनाव कराए जा सकते हैं, हालांकि मुझे पता है कि जब पीएम बोलेंगे, तभी चुनाव कराए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने जीएसटी परिषद की बैठक के अनुभव को कड़वा करार दिया

कोलकाता। जीएसटी परिषद की बैठक में कोविड के खिलाफ लड़ने वाली दवाओं व उपकरणों पर कम से कम जीएसटी लगाने की कोशिश की गयी। कुछ चीजों को जीएसटी के बोझ से बिल्कुल मुक्त रखा गया। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कोविड के खिलाफ लड़ने में उपयोग में आने वाली सभी चीजों पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगाने की मांग की गयी थी। अब बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास की कमी के चलते जीएसटी परिषद की बैठकें कुछ विषाक्त माहौल वाली हो चलीं हैं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मता सीतारमण से इस विश्वास की बहाली के लिये ‘‘सुधारात्मक उपायों’’ पर विचार करने का आग्रह किया है। वित्त मंत्री को भेजे एक पत्र में अमित मित्रा ने यह भी दावा किया है कि केंद्र सरकार जीएसटी परिषद की बैठकों में ‘‘पहले से तय परिणाम’’ की सोच के साथ पहुंचती है।
मित्रा ने इससे पहले 13 जून को आरोप लगाया था कि जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान उनकी आवाज को अनसुना कर दिया गया। वह कोविड के इलाज में काम आने वाली जरूरी सामग्री, दवाओं और टीके पर कर लगाने का विरोध किये थे। उन्होंने पत्र में कहा है, ‘‘जिस बात का मुझे सबसे ज्यादा दुख है वह यह कि जीएसटी परिषद की स्थापना के बाद से केंद्र और राज्यों के बीच आपसी विश्वास में आई कमी के कारण जीएसटी परिषद की बैठकें कटुतापूर्ण, अप्रिय और विषाक्त हो गई हैं। बड़ी बात यह है कि अगर इसी तरह से सबकुछ चलता रहा तो जीएसटी जैसे विषयों पर हमेशा आरोप – प्रत्यारोप ही चलते रहेंगे।

बीजेपी में शामिल होने का पश्चाताप, मुंडवाया सिर

कोलकाता । बंगाल विधानसभा चुनाव के समय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा में काफी नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए थे। लेकिन अब बीजेपी से टीएमसी में आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि बीजेपी की चमक इतनी जल्द फिकी होने लगेगी इसका अनुमान किसी को नहीं था। मुकुल राय के टीएमसी में जाने के बाद हर दिन कोई न कोई नेता टीएमसी से नाता जोड़ रहा है। लेकिन एक घटना ने हर किसी चौकाया है। हुगली के खानाकुल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नतिबपुर ग्राम पंचायत के शीतलातला इलाके में आयोजित कार्यक्रम में आरामबाग से तृणमूल सांसद अपरूपा पोद्दार की मौजूदगी में कुछ कार्यकर्ताओं ने घर वापसी की। खास बात यह है कि इनमें से कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी में शामिल होने से पहले पश्चाताप स्वरूप अपना सिर भी मुंडवाया। इसके बाद तृणमूल का झंडा थामा।
गौरतलब है कि इससे पहले बीरभूम जिले में करीब 50 भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल में वापस लिए जाने के लिए घंटों धरना दिया था, जिसके बाद उनके ऊपर गंगाजल का छिड़काव कर उन्हें पार्टी की सदस्यता दी गई थी। इधर, इस मौके पर तृणमूल सांसद अपरूपा पोद्दार ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले ये लोग तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन भाजपा में जाने का पश्चाताप करते हुए 500 से अधिक भाजपाईयों ने एक बार फिर से तृणमूल का दामन थामा हैं।

राजनीति के केंद्र में बंगाल

कोलकाता: इन दिनों राजनीति के केंद्र में बंगाल है। बंगाल की बात किये बिना राजनीति पूरी नहीं होती है। एक बार फिर बीजेपी के नेता शुवेंदु अधिकारी दिल्ली बुलाये गये हैं। 12 दिन के भीतर दूसरी बार वह दिल्ली बुलाये गये हैं। इन सबसे अलग तृणमूल कांग्रेस अब राष्टीय राजनीति में एंट्री की कोशिश में जुटी है और इस काम में उसका साथ प्रशांत किशोर दे रहे हैं। तभी तो प्रशांत देश के सभी विपक्षी बड़े नेताओं से मिल रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच कांग्रेस को महत्व नहीं दिया जा रहा है। इससे खफा होकर कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चैधरी ने तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कांग्रेस के भाग्य विधाता नहीं हैं। अधीर रंजन चैधरी का यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर कांग्रेस को अलग रखकर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे फ्रंट के गठन की कवायद में जुटे हुए हैं और इस बाबत विभिन्न भाजपा विरोधी दलों के नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने हाल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार समेत कई नेताओं से मुलाकात की है। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने अब तक कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के किसी भी नेता से मुलाकात नहीं की है।
अधीर रंजन चैधरी ने कहा-’प्रशांत किशोर कांग्रेस के भाग्य विधाता नहीं हैं। वे जिनके भाग्य विधाता हैं, वे ही इन सब बातों पर चर्चा करेंगे। वे क्या करने वाले हैं, इसे लेकर हम नहीं सोच रहे।’ शरद पवार की ओर से बुलाई गई बैठक के बारे में अधीर रंजन चैधरी ने कहा-’हमारी पार्टी की बैठक नहीं है। वे किसे बुलाएंगे और किसे नहीं, यह उनका मामला है।’ तृणमूल कांग्रेस बंगाल विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद अब 2024 के लोकसभा चुनाव तक प्रशांत किशोर की सेवा लेगी। तृणमूल कांग्रेस के इस बाबत लिए जाने वाले सभी निर्णय में प्रशांत किशोर की अहम भूमिका होगी।

सांसद नुसरत जहां की संसद सदस्यता को  खत्म किए जाने की मांग

 

कोलकाता। निखिल जैन के साथ अपनी कथित शादी तोड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां की संसद सदस्यता को भी खत्म किए जाने की मांग शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के बदायूं से बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर नुसरत की लोकसभा सदस्यता को रद्द कर दिए जाने की मांग की है।

सांसद संघमित्रा ने पश्चिम बंगाल की बशीरहाट से सांसद नुसरत जहां पर अमर्यादित आचरण का आरोप लगाते हुए कहा कि शादी को लेकर उन्होंने मतदाताओं को धोखे में रखा है। लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में संघमित्रा ने कहा कि नुसरत ने लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ के दौरान अपने नाम का उच्चारण नुसरत जहां रूही जैन के तौर पर किया था। लोकसभा की वेबसाइट पर नुसरत जहां के पति का नाम निखिल जैन लिखा है। संघमित्रा ने नुसरत पर संसद की गरिमा को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को एथिक्स कमिटी को भेजा जाना चाहिए। साथ ही बीजेपी सांसद ने नुसरत के खिलाफ ऐक्शन लिए जाने की मांग भी की है। अपने पत्र में उन्होंने संसद में पहले दिन नुसरत का दुल्हन की तरह तैयार होकर आना ममता बनर्जी का रिसेप्शन में शामिल होने का जिक्र किया है।

मुकुल राय की मेहनत लाने लगी है रंग

 

कोलकाता । बीजेपी से तृणमूल में आये मुकुल राय ने अपनी प्रतिभा का कमाल दिखाना शुरू कर दिया है। उनके आने के बाद तो बीजेपी नेताओं का एक के बाद एक तृणमूल में आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। उत्तर बंगाल में भाजपा को झटका लगा है। यहां अलीपुरदुआर जिले के पार्टी अध्यक्ष गंगा प्रसाद शर्मा सोमवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ प्रांत में भाजपा के सात अन्य नेताओं ने भी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। पार्टी मुख्यालय तृणमूल भवन में हुई इस ज्वाइनिंग के दौरान तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखेंदु शेखर राय, तृणमूल नेता मुकुल राय, मंत्री ब्रात्य बसु उपस्थित रहे। इस दौरान मुकुल राय ने दावा किया कि यह बंगाल में भगवा दल की समाप्ति की शुरूआत है। मुकुल राय ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ ही भाजपा का उदय हुआ था और उसे उत्तर बंगाल में कई सीटों पर जीत मिली थी और अब इसी क्षेत्र से भगवा दल का पतन शुरू होगा। उन्होंने आरोप लगाया आगे जो होने वाला है, यह केवल उसकी झलक भर है। राज्य में भाजपा का पतन निकट है। वहीं गंगा प्रसाद शर्मा ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे के दौरान जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज किया। किसी भी फैसले पर स्थानीय नेताओं के सलाह मशविरा नहीं लिया गया है। कई बार तो फैसले लेने के बाद जिला नेताओं को जानकारी मिलती थी।

 

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी फिर से दिल्ली जा रहे

 

कोलकाता । विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में सर्वाधिक राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। हर दिन नेता या तो बीजेपी से तृणमूल में जा रहे हैं या फिर राजनीतिक बयानबाजी होती है। इस वक्त राज्यपाल जगदीप धनखड़ दार्जिलिंग में हैं । विधानसभा चुनाव के बाद हुए हिंसा को लेकर वह लगातार राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इधर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी 12 दिनों के अंदर ही फिर से दिल्ली जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। बुधवार को शुभेंदु दिल्ली जा सकते हैं। 12 दिनों के अंदर ही प्रदेश भाजपा के नेता का दो बार दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शुभेंदु अधिकारी जेपी नड्डा के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिल सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि शुभेंदु के दिल्ली दौरे में मुख्य तौर पर राज्य में चुनाव बाद हिंसा के अलावा पार्टी के संगठन को लेकर भी चर्चा हो सकती है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से पार्टी में नये और पुराने के बीच का मतभेद आये दिन सामने आ रहा है। इसके अलावा पार्टी के पुराने कार्यकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि तृणमूल से आये लोगों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। वहीं मुकुल राय के पार्टी बदलने के बाद पुराने कार्यकर्ताओं का रोष अधिक बढ़ गया है। इन सबके अलावा शुभेंदु अधिकारी को विपक्ष का नेता बनाये जाने को लेकर भी कई कार्यकर्ता नाराज हैं। इन सबके बीच शुभेंदु अधिकारी को दिल्ली में बुलाये जाने से कयास लगाये जा रहे हैं कि पार्टी के संगठन को लेकर विस्तारित तौर पर चर्चा हो सकती है।

सड़क दुर्घटना में चालक सहित तीन की मौत

सिक्किम। पूर्व सिक्किम के चार माइल में कल रात एक सड़क दुर्घटना में वाहन के चालक सहित तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना पाक्योंग थाना अंतर्गत क्षेत्र में हुई। मृतकों के शव को पाक्योंग पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिंगताम जिला अस्पताल में भेज दिया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।