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सेवक -रंगपो रेल लाइन क्षेत्र में भूस्खलन से दो की मौत, 5 घायल

सिलीगुड़ी । लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। गुरूवार देर रात कलिम्पोंग के टनल नंबर 10, भालुखोला में भूस्खलन में वहां रात के समय काम कर रहे दो लोगों की मौत हो गयी तथा 5 अन्य घायल हो गये। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार सेवक -रंगपो रेल लाइन के लिए भालूखोला में टनलिंग का कार्य चल रहा है। कल रात लगभग 10.30 बजे के करीब 7 मजदूर कीचड़ में फंस गये।
बताया गया है कि लगातार बारिश के कारण चलते यह हुआ है। घटना के बाद वहां सभी फंसे श्रमिकों को तुरंत बाहर निकालकर कलिम्पोंग जिला अस्पताल भेजा गया। इस दौरान 2 लोगों मृत्यु इस दौरान हो गयी, जबकि पांच मजदूरों में से दो को सिलीगुड़ी के पैरामाउंट अस्पताल में तथा 3 को मामूली चोटों के साथ कलिम्पोंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल का स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने जायजा लिया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाये हुए है।

लाखों रुपये के गांजा के साथ 3 गिरफ्तार

सिलीगुड़ी। एनजेपी थाने की पुलिस दो वाहनों समेत लाखों रुपये के गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एनजेपी थाने की पुलिस कुछ महीनों में न केवल ड्रग्स बल्कि आग्नेयास्त्रों को भी बरामद करने में कामयाबी हासिल की है। 158 किलो गाजा बरामद करने के बाद 24 घंटे से भी कम समय में एनजेपी थाने की पुलिस ने फिर से करीब 120 किलो गाजा बरामद करके अपने मुस्तैदी का परिचय दिया है, जिसकी अनुमानिक कीमत करीब 15 लाख रूपये है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कूचबिहार से दो वैगनार वाहन बिहार जाने के उद्देश्य से फूलबाड़ी की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने गाजा लदे दो वाहनों को जब्त किया। 120 किलो गांजा के साथ गिरफतार चंदन राय, शंभू दास व स्वपन राय को पुलिस रिमांड पर लेगी।

लगातार हो रही बारिश से आईबीएम क्षेत्र में भूस्खलन

सिक्किम। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य के विभिन्न इलाकों में क्षति पहुंची है। आज सुबह 10.30 बजे अचानक राष्ट्रीय राजमार्ग 10 अंतर्गत रंग्पो से 1 किलोमीटर दूर सिंगताम के आईबीएम क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक घंटे तक यातायात सेवा बंद रही। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार देखने को मिली। एनएचआई डीसीएल के कर्मचारी मौके पर मशीन के साथ पहुंचकर सड़क के मलबे को हटाया। 11.30 बजे से राजमार्ग सुचारू हो पाया। दूसरी तरफ भूस्खलन क्षेत्र के ठीक उपरी हिस्से में विद्युत विभाग का टावर है। लगातार बारिश होती रही तो टावर नुकसान हो सकता है।

मुकुल राय के इस्तीफे की मांग

कोलकाता । वरिष्ठ नेता मुकुल राय के टीएमसी में शामिल होने के बाद अब उनके विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग हो रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने भी मुकुल से विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
श्री घोष ने कहा है कि चूंकि मुकुल रॉय अब दूसरे दल में चले गए हैं इसलिए उन्हें विधायक पद छोड़ देना चाहिए। इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मुकुल राय से विधायक पद से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। अधिकारी ने तो यहां तक अल्टीमेटम दिया है कि यदि श्री राय इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर दल बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे।

कैलाश विजयवर्गीय को बंगाल से हटाया जा सकता है!

6 साल बाद कैलाश विजयवर्गीय को बंगाल से हटाया जा सकता है। जून 2015 में कैलाश विजयवर्गीय को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया था और इसी के साथ बंगाल का प्रभारी भी बनाया गया था। विजयवर्गीय ने सिद्धार्थ नाथ सिंह की जगह ली थी, जो उनके पहले राज्य के प्रभारी हुआ करते थे। बीते 6 सालों में दो विधानसभा चुनाव (2016 और 2021) और एक लोकसभा चुनाव (2019) हुए। लेकिन बंगाल में विधानसभा के दोनों ही चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में जरूर 42 में से 18 सीटें जीतकर बीजेपी ने सबको हैरान कर दिया था। हालांकि विजयवर्गीय का कहना है, ’मैं बंगाल देखता रहूंगा। साथ ही उत्तराखंड में भी काम करूंगा।’ उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होना है।
भाजपा ने मिशन बंगाल पर 2015 से ही विजयवर्गीय को सक्रिय कर दिया था। तब राज्य के प्रभारी से लेकर प्रदेश अध्यक्ष बदलने तक की कवायद इसलिए की गई थी ताकि 2016 के विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया जा सके। वहीं विजयवर्गीय को मौका हरियाणा में 2014 में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के चलते मिला था।
बंगाल में अपेक्षा के विपरीत आए नतीजों के बाद से ही बीजेपी में फेरबदल की चर्चाएं तेज हैं। अब चर्चा है कि कैलाश विजयवर्गीय से बंगाल का प्रभार लिया जा सकता है। उनकी जगह केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान या राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को कमान दी जा सकती है। राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव का नाम भी चर्चा में है।
ये तीन वो नाम हैं जो चुनाव के पहले तक बंगाल में सक्रिय रहे हैं। हालांकि बीजेपी के शीर्ष नेता अभी आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बंगाल के उपाध्यक्ष रितेश तिवारी का कहना है कि बीजेपी में निर्णय इस तरह से नहीं होते। ये सब अफवाहें हैं।

बांग्ला फिल्म अभिनेत्री स्वातिलेखा सेनगुप्त का निधन

कोलकाता । बांग्ला फिल्म अभिनेत्री स्वातिलेखा सेनगुप्त का बुधवार को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वे लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रही थीं। बुधवार को करीब तीन बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।
रूद्रप्रसाद सेनगुप्ता भी रंगमंच की जानी-मानी हस्ती हैं। बेटी सोहिनी भी अभिनय से जुड़ी हुई हैं। सोहिनी ने कहा-मेरी मां बेहतरीन इंसान और कलाकार थीं। उनके काम को हमेशा याद किया जाएगा। स्वातिलेखा फिल्मों के साथ-साथ रंगमंच की दुनिया में भी जाना-पहचाना नाम है। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका था।

पूर्व पार्षद व माकपा नेता प्रीतिकाना विश्वास ने थामा टीएमसी का दामन

सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न दलों के नेता लगातार टीएमसी में शामिल हो रहे हैं। पूर्व उप मेयर रामभजन महतो, एमआईसी कमल अग्रवाल के बाद अब 44 नंबर वार्ड की पूर्व पार्षद व माकपा नेता प्रीतिकाना विश्वास अपने समर्थकों के साथ आज तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गयीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की सिलीगुड़ी संगठन जिला कमेटी के सदस्य सौरभ प्रसन्नदेव भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस कार्यालय विधान भवन में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौतम देव की मौजूदगी में इन्हें पार्टी में शामिल किया गया।
प्रीतिकाना विश्वास के साथ ही साथ 41 नंबर वार्ड के इलाके के रहने वाले व माकपा की डाबग्राम लोकल कमेटी के पूर्व सचिव उज्ज्वल दास, रतन साह, शिबू साहा, माधव पाल, विपुल सरकार, समीरन प्रसाद, दुलाल बर्मन व अन्य ने भी तृणमूल कांग्रेस का झंडा थामा।

भड़काउ भाषण मामले में मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ

कोलकाता। बॉलिवुड ऐक्टर और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती से भड़काऊ भाषण मामले में कोलकाता पुलिस पूछताछ कर रही है। मिथुन चक्रवर्ती पर पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान विवादास्पद बयान देने का आरोप है। महज संयोग ही कहें आज अभिनेता का जन्मदिन भी है।
कोलकाता पुलिस मिथुन से वर्चुअली पूछताछ कर रही है। मानिकतला में उनके भाषण को लेकर एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसे खारिज करने के लिए मिथुन ने हाई कोर्ट का रुख किया था लेकिन कोर्ट ने उन्हें सहयोग करने को कहा। हालांकि कोविड की वजह से पुलिस के सामने फिजिकली पेश होने से राहत दी थी।
मानिकतला में चुनाव प्रचार के दौरान मिथुन ने अपनी फिल्म के डायलॉग इस्तेमाल किए थे जिसे प्रकृति में उत्तेजक बताया गया। तृणमूल कांग्रेस ने भी उनके बयान पर आपत्ति जताई थी। मिथुन चक्रवर्ती बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। बताते चले कि विधानसभा चुनाव के समय मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल हुए थे। उस समय उन्होंने धुंआधार चुनाव प्रचार किया था। इस दौरान उन्होंने मंच से जनता को संबोधित भी किये और फिल्मी डायलाॅग के जरिये जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश किये थे।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई दंगे मामले में छात्र कार्यकर्ताओं को मिली जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई दंगे मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले में छात्र कार्यकर्ताओं नताशा नरवाल, देवांगना कलीता और आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दे दी है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस एजे भंभानी की पीठ ने जमानत देते हए कहा, ‘हम यह कहने के लिए बाध्य हैं कि असहमति की आवाज को दबाने की जल्दबाजी में सरकार ने विरोध के संवैधानिक अधिकार और आतंकवादी गतिविधियों के अंतर को खत्म-सा कर दिया है। अगर यह मानसिकता जोर पकड़ती है तो यह लोकतंत्र के लिए दुखद दिन होगा।
जेएनयू छात्राओं नताशा नरवाल और देवांगना कलीता और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा पर उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक हिंसा के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है। तीनों को मई 2020 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था।

मुकुल राय की नजर त्रिपुरा पर लगी!

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष रहे मुकुल रॉय एक बार फिर से अपने पुराने दल यानी तृणमूल कांग्रेस में वापस आ गए हैं। अब इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि जो लोग रॉय के साथ भाजपा में गए थे, क्या अब वह भी टीएमसी में लौटेंगे। बंगाल में तो टीएमसी का दावा है कि रॉय के करीबी 30 विधायक पार्टी में वापस आना चाहते हैं। वहीं बंगाल में हुए इस बदलाव का असर त्रिपुरा में देखने को मिल सकता है। रॉय के वफादर रहे त्रिपुरा के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ सुदीप रॉय भी टीएमसी नेता के साथ भाजपा में चले गए थे। अब जब रॉय वापस टीएमसी में आ गए हैं तो भाजपा इस बात को लेकर आशंकित है कि कहीं बर्मन भी अपने पुराने दल में ना चले जांए।
बंगाल के राजनीति गलियारों में चर्चा है कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के साथ विवादों के चलते सुर्खियों में रहने वाले बर्मन अगर टीएमसी में वापस आए तो त्रिपुरा में सत्ताधारी भाजपा से कुछ विधायक भी उनका साथ दे सकते हैं। त्रिपुरा में एक प्रभावशाली राजनीतिक हस्ती माने जाने वाले बर्मन मुख्यमंत्री पद के लिए देब को चुनने के बाद से भाजपा से नाखुश बताए जाते हैं। वह कांग्रेस में रहते हुए विपक्ष के नेता थे और भाजपा में शामिल होने से पहले लगभग एक साल तक तृणमूल कांग्रेस के साथ रहे थे।
सूत्र बताते हैं कि बर्मन तृणमूल कांग्रेस में लौटने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन अगर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसकी मंजूरी नहीं दी तो वह अपना खुद का संगठन भी बना सकते हैं
इधर चर्चा है कि बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सोमवार को जब गवर्नर जगदीप धनखड़ से मिलने पहुंचे तो उनके साथ 74 में से सिर्फ 50 विधायक ही राजभवन पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से बंगाल भाजपा में बगावत को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
बैठक में भाजपा के 74 में से 24 विधायक सुवेंदु अधिकारी के साथ नहीं आए। इस बात को लेकर अब राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ये वाकया ऐसे वक्त में हुआ है, जब तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए तमाम नेता अब टीएमसी में फिर से वापसी की ओर हैं।