National Politics

पहाड़ की समस्याओं को ले सितंबर में केंद्र सरकार करेगी त्रिपक्षीय बैठक

सिलीगुड़ी। दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की जनता के कल्याण के लिए एवं क्षेत्र की समस्याओं के स्थाई समाधान हेतु केंद्र सरकार सितंबर महीने में त्रिपक्षीय बैठक बुलाने जा रही है। इस संबंध में इस महीने सभी पक्षों को निमंत्रण पत्र भेजा जाएगा। शुक्रवार को दार्जिलिंग पहाड़ के विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों को लेकर दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की। बैठक में दार्जिलिंग के विधायक नीरज जिंबा, कर्सियांग के विधायक बीपी बजगई, क्रामाकपा प्रमुख आरबी राई, गोरामुमो प्रमुख मन घीसिंग एवं भाजपा नेता कल्याण देवान भी मौजूद थे। बैठक के बाद सांसद राजू बिष्ट ने दावा किया कि दार्जिलिंग पहाड़ सहित डूवार्स तराई की समस्याओं व उनके राजनीतिक समाधान को लेकर गृह मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही गोरखा जनगोष्ठियों के अनुसूचित जनजाति में शामिल करने पर भी बात हुई। केंद्र सरकार पहाड़ की समस्या के समाधान के लिए सितंबर महीने में त्रिपक्षीय बैठक बुलाने जा रही है। संभवत सितंबर महीने के पहले सप्ताह में बैठक होगी और इस बैठक के लिए विभिन्न दलों को 12 अगस्त तक निमंत्रण पत्र भेजा जा सकता है। ज्ञात हो कि पिछले साल भी केंद्र सरकार ने पहाड़ की समस्या को लेकर त्रिपक्षीय बैठक बुलाई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस बैठक में भाग नहीं लिया था, जिसके कारण बैठक विफल हो गई थी। पहाड़ की समस्या को लेकर इससे पहले भी कई बार त्रिपक्षीय बैठक हो चुकी है। 2011 में भी एक त्रिपक्षीय बैठक हुई थी, जिसके बाद गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन के गठन का निर्णय लिया गया था। लेकिन बाद के कुछ सालों में पहाड़ पर राजनैतिक अस्थिरताओं के चलते कुछ खास नहीं हो पाया था। इसी बीच पहाड़ की समस्या के समाधान की मांग को लेकर गत एक अगस्त से अखिल भारतीय गोरखा लीग के प्रतिनिधि अनशन पर बैठ गए थे, लेकिन अब केंद्र सरकार की इस पहल के बाद शुक्रवार को यह अनशन खत्म कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने दिए संकेत : राज्य में दुर्गापूजा के बाद खुल सकते है स्कूल

कोलकाता। देश में कोरोना के मामलों में लगातार कमी के चलते कई राज्यों में स्कूल कॉलेज खुलने शुरू हो गए हैं। पश्चिम बंगाल में भी कोरोना के मामलों में कमी आई है, जिसके चलते आज राज्य सचिवालय नवान्न में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संकेत दिए हैं कि दुर्गा पूजा के बाद राज्य में वैकल्पिक दिनों में स्कूल कॉलेज खोले जा सकते हैं। राज्य में कोरोना महामारी के चलते पिछले साल से ही शिक्षा प्रतिष्ठान बंद पड़े हैं। आज कोरोना की तीसरी लहर को ले मुख्यमंत्री ने ग्लोबल एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों के साथ राज्य सचिवालय में एक बैठक की। इस बैठक में नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत विनायक बनर्जी भी मौजूद थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना नियंत्रण में है। इसलिए पूजा के बाद कोरोना की परिस्थितियों का विश्लेषण कर वैकल्पिक दिनों में स्कूल कॉलेज खोलने पर विचार किया जाएगा। ज्ञात हो कि इससे पहले राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा था कि विद्यालय सही समय पर खुलेंगे। उन्होंने कहा था कि जब यह निर्धारित हो जाएगा, कि विद्यार्थी और स्कूल के शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी किसी भी प्रकार के जोखिम में नहीं है, तब स्कूल खोले जाएंगे। कोरोना के चलते ही राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक की परीक्षाएं टाल दी गई थी और विद्यार्थियों के पिछले परीक्षाओं के अंक देखकर परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। अब जबकि कोरोना के हालत राज्य में नियंत्रित होते से जान पड़ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद वैकल्पिक दिनों में स्कूल खोले जा सकते है। हालांकि इस पर विचार तब कोविड की परिस्थितियों की समीक्षा कर ही किया जाएगा।।

राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओ के साथ की बैठक, साइकिल से पहुंचे संसद

नई दिल्ली । पेगासस, महंगाई और कृषि कानून के मुद्दे पर आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्ष के साथ बैठक की। राहुल गांधी के निमंत्रण पर करीब 15 दलों के नेताओं ने आज इन मुद्दों पर बातचीत की। बैठक में राहुल गांधी के अलावा एनसीपी के प्रफुल पटेल, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, शिवसेना के संजय राउत, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी सहित अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। इस बैठक में राहुल गांधी ने सभी नेताओं से आह्वान किया कि उक्त मुद्दों पर हमें एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी है। अगर हम संगठित होंगे तभी हमारी आवाज ज्यादा बुलंद होगी। ज्ञात हो कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पेगासस जासूसी कांड एवं अन्य मुद्दों को लेकर दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। विपक्षी दलों का कहना कि पेगासस कांड पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार तैयार हो, उसके बाद ही संसद का गतिरोध खत्म होगा। बैठक के बाद महंगाई आदि पर विरोध जताने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी सहित अन्य विपक्षी सांसद साइकिल से संसद भवन पहुंचे।

सांसद ने लिया चीयर्स फाॅर इंडिया रन में भाग, बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

कोलकाता। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने आज कोलकाता में भारतीय जनता युवा मोर्चा की तरफ से आयोजित चीयर्स फाॅर इंडिया रन में भाग लिया। इसका उदेश्य आॅलोम्पिक में भाग ले रहे भारतीय खिलाडियों को उत्साहित करना एवं उन्हें यह बताना है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनकी सफलताओं की कामना कर रहा है। राजू बिष्ट के अलावा राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, राज्य भाजयुमो अध्यक्ष सौमित्र खान, भाजपा के राज्य सचिव दीपांजन गुहा, वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा, भाजपा के राज्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य, भाजयुमो राज्य महासचिव प्रकाश दास आदि ने भाग लिया। श्री बिष्ट ने इस मौके पर कहा कि हमारा उदेश्य आॅलोम्पिक में भाग ले रहे भारतीय खिलाडियों को उत्साहित करना एवं उनकी सफलता की कामना करना है। उन्होंने आज की दौड़ में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं भी दी।

राष्ट्रीय राजनीति में नये आयाम बनाने के प्रयासों के बाद कोलकाता लौटी मुख्यमंत्री

कोलकाता। लगातार तीन बार बंगाल की सत्ता हासिल करने वाली राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पांच दिवसीय दिल्ली दौरे से वापस कोलकाता लौट आई है। राज्य विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा था। राज्य में अपनी जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजनीति में नये आयामों को तालाशने के उदेश्य से दिल्ली गयी थी जहां वे कांग्रेस अघ्यक्ष सोनिया गांघी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी। कोलकाता लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका दिल्ली दौरा सफल रहा है। अब से वे हर दो महीने में दिल्ली आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकतंत्र कायम रहना चाहिये इसी मकशद से वे अपने राजनैतिक सहयोगियों से दिल्ली में मिली। राजनैतिक उदेश्य के लिये विपक्षी एकता से बेहतर और कुछ हो ही नहीं सकता। जिन नेताओ के साथ उन्होंने बैठक की, वे बैठके अच्छी रही। हम साथ मिलकर काम करना करेंगे। ज्ञात हो कि अपने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, कमलनाथ और अभिषेक मनु सिंधवी के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व द्रमुक नेता कनीमोई से भी मुलाकात की। विपक्ष को एकजुट करने के लिहाज से इन बैठकों को काफी अहम माना जा रहा है। समझा जाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में आने का मन बना चुकी है। इसी बीच उन्होंने किसानों के आंदोलन को भी अपना पूरा समर्थन बताया है। हालांकि राज्य के विकास पर भी उनका पूरा ध्यान है! उन्होंने कहा कि राज्य के कार्यों को पूरा करते हुए वे दिल्ली का दौरा करती रहेंगी।

Mamata fined 5 lakhs for seeking recusal, Justice Chanda exits Case

The Calcutta High Court on Wednesday imposed a fine of Rs 5 lakh on West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee. This fine was imposed because Mamata had demanded the removal of Justice Kaushik Chanda from hearing her case against BJP Leader Suvendu Adhikari’s Election win in Nandigram. Mamata had accused Justice Chanda of having links with the BJP. She further stated that a photo of Justice Chanda has surfaced, which he has seen with BJP leaders.
On June 24, Justice Chanda had reserved his decision in this case. He said Mamata Bannerjee tried to tarnish the judiciary’s image when he delivered the verdict on Wednesday. Justice Chanda, on the other hand, has opted to withdraw from the case.
On 2nd May, the results of the assembly elections held in 4 states and one union territory were declared in which Mamata Bannerjee lost the election from Nandigram constituency by 1956 votes. On the day of the result, Mamta demanded recounting of votes, which was refused by the Election Commission.
Later, Mamata went to the Calcutta High Court against the election results. She filed a petition in which she accused Suvendu Adhikari of bribery in elections, corruption, and seeking votes on the basis of religion and demanded cancellation of elections.

सुवेंदु अधिकारी के बाद बंगाल से भाजपा के तीन सांसद दिल्ली पहुंचे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उनके इस मुलाकात के तत्पश्चात राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री व सुवेंदु के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण विषयों के साथ ही मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। सुवेंदु ने राज्य में हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट भी सौंपी है तथा बंगाल की मौजूदा स्थिति से उन्हें अवगत कराया है।
वहीं भाजपा हाईकमान के बुलावे पर बंगाल से भाजपा के तीन सांसद दिल्ली पहुंचे हुए हैं। इनमें भाजपा सांसद अर्जुन सिंह, सौमित्र खां और निशिथ प्रमाणिक शामिल हैं। अचानक से इन सांसदों के दिल्ली जाने को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं। दरअसल विधानसभा चुनाव में वह सफलता नहीं मिली जिसकी भाजपा नेता उम्मीद कर रहे थे। ऐसे में भाजपा अपने आगे की रणनीति पर काम कर रही है। लेकिन गौर करें तो पाते हैं कि इन दिनों भाजपा के अंदरखाने में भी हलचल है। मुकुल राय जैसे दिग्गत नेता के फिर से तृणमूल में जाने की अटकल लग रही है।

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार इसे खारिज करते आ रहे हंै। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि सत्ता के साथ हर कोई रहना चाहता है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता है और जो लोग भाजपा का दामन चुनाव से पहले थामे हैं उनमें कइयों का मन हिल रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए भी वर्तमान हालात को संभालना चुनौतीपूर्ण होगा। खैर राजनीति में आना जाना सामान्य बात है, लेकिन इसे भाजपा खेमे में हलचल के तौर पर देखा जा रहा है।

FIR filed against many leaders including BJP’s Kailash Vijayvargiya, Tejashwi Surya in Siliguri violence case

In Siliguri, West Bengal, on December 7, an FIR was lodged against several BJP leaders including senior BJP leader Kailash Vijayvargi, Yuva Morcha president Tejashwi Surya, Dilip Ghosh on December 7 in connection with the violence that took place during the march. At the New Jalpaiguri Police Station of the Siliguri Metropolitan Police, fir was filed on bjp leader for inciting violence during the ‘Uttar-Kanya Abhiyan’. The police registered a case alleging BJP workers for committing violence, breaking law and order, clashing with police and damaging government properties. In the protest on 7 December, there was a clash between the police and the workers and during the violence, worker Ulen Roy also died. According to the post-mortem report Ulen Roy was killed by shotgun pellets. But the police claim that the shot-gun was not been used, only water cannons and tear gas bullets to disperse the crowd. At the same time, police have alleged that there were armed men in the crowd and they fired. BJP national general secretary Kailash Vijayvargiya attacked TMC, saying that it is the nadirshahi (brutality) of the police and the Mamata Banerjee government. There is a nexus between the police and TMC goons. Police were using tear gas and goons were firing bombs.

तृणमूल सरकार का पाप का उड़ा भर चुका है,अब उसके पतन का समय आ गया है: भारती घोष

सिलिगुड़ी में 7 दिसंबर को हुए बीजेपी के रैली में बीजेपी कार्यकर्ता उलेन राय की मौत के बाद बीजेपी के पश्चिम  बंगाल के उपाध्यक्ष भारती घोष ने राज्य सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं पर रबर बुलेट चलाना गैर-कानूनी है। दिसंबर 8 को हुए कैंडल मार्च में शामिल होने के लिए पहुंची भारती घोष ने कहा कि राज्य में लगातार हिंसा और ज़ुल्म जारी है। राज्य सरकार और पुलिस की भूमिका सवाल उठाते हुए उन्होंने ने कहा कि अब गोली से न मार कर टीयर गैस व रबर बुलेट का अवैध ढंग से प्रयोग कर भाजपा कार्यकर्तों की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा, इतिहास ऐसे ही यहीं खत्म नहीं हो जाएगा। 2021 में भारतीय जनता पार्टी की बंगाल में सरकार बनेगी। इसके बाद जितने भी पुलिसकर्मी तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर दमन और हिंसा कर रहे हैं, उनका हिसाब लिया जाएगा। आगे उन्होने ने कहा कि तृणमूल सरकार का पाप का घड़ा भर चुका है अब उसके पतन का समय आ गया है। पंचायत चुनाव से अब तक सैकड़ों समर्थकों की हत्या। चाहे पुलिस अधिकारी हो या डॉक्टर सबकी जांच होगी।

बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री की हालत गंभीर, हुए अस्पताल में भर्ती

साँस लेने में परेशानी की वजह से बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य 9 दिसंबर को वूड्सलैंड अस्पताल में भर्ती हुए। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक़ बुद्धदेव को फ्लू क्लिनिक में रखा गया है, उनका ऑक्सीजन लेवल 70 के पास पहुंच गया था, हालांकि कोरोना के जाँच होने के बाद रिपोर्ट नेगेटिव आई।  डॉक्टरों का कहना है कि शारीरिक स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक है। हम उनका इलाज कर रहे हैं और हमारी फ्लू क्लीनिक में जरूरी टेस्ट किए गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और गवर्नर जगदीप धनखड़ सहित माकपा, वामपंथी दलों एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी बुद्धदेव को देखने अस्पताल पहुंचे और उनके जल्दी ठीक होने की कामना की।

बता दे कि बुद्धदेव भट्टाचार्य साल 2000 से लेकर 2011 तक मुख्यमंत्री के पद पर रहे।