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Mamata Banerjee starts to prepare Development Roadmaps

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee today assured leaders in the Hills that she would find a “permanent solution” for the region, which has seen several agitations over statehood demands, and urged them to prepare a roadmap, keeping local interests in mind, and submit it to the government, which would then carry out further work on it.
Mamata Banerjee promised to do whatever it takes to usher in development in the Hills.
Panchayat elections in the Hills were last held in 2000, on which she said that panchayat elections in the region and polls to Gorkha Territorial Administration (GTA), would be held once the voters’ list are updated.
Mamata Banerjee said during an administrative meeting in Darjeeling and Kalimpong districts, “You (the leaders in north Bengal) have seen so much of politics over the years. Now, let’s come and play the game of development politics. You give me an opportunity; I assure you that I will get a permanent solution for Darjeeling. I do not say anything for the sake of it. We have kept all the promises that we made”.

She also requested Gorkha Janmukti Morcha (GJM) leader Anit Thapa, to submit the plan they prepare by the first week of December.She also said, “By keeping Darjeeling in Bengal, I am ready to help you all in every possible way so that your children get good jobs. There is much scope in this region. But after every 10 years, one movement washes away every development effort and people (tourists) stop coming here”.

She assured that her government would do its best to address the needs of locals.

मुकुल राय की मेहनत लाने लगी है रंग

 

कोलकाता । बीजेपी से तृणमूल में आये मुकुल राय ने अपनी प्रतिभा का कमाल दिखाना शुरू कर दिया है। उनके आने के बाद तो बीजेपी नेताओं का एक के बाद एक तृणमूल में आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। उत्तर बंगाल में भाजपा को झटका लगा है। यहां अलीपुरदुआर जिले के पार्टी अध्यक्ष गंगा प्रसाद शर्मा सोमवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ प्रांत में भाजपा के सात अन्य नेताओं ने भी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। पार्टी मुख्यालय तृणमूल भवन में हुई इस ज्वाइनिंग के दौरान तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखेंदु शेखर राय, तृणमूल नेता मुकुल राय, मंत्री ब्रात्य बसु उपस्थित रहे। इस दौरान मुकुल राय ने दावा किया कि यह बंगाल में भगवा दल की समाप्ति की शुरूआत है। मुकुल राय ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ ही भाजपा का उदय हुआ था और उसे उत्तर बंगाल में कई सीटों पर जीत मिली थी और अब इसी क्षेत्र से भगवा दल का पतन शुरू होगा। उन्होंने आरोप लगाया आगे जो होने वाला है, यह केवल उसकी झलक भर है। राज्य में भाजपा का पतन निकट है। वहीं गंगा प्रसाद शर्मा ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे के दौरान जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज किया। किसी भी फैसले पर स्थानीय नेताओं के सलाह मशविरा नहीं लिया गया है। कई बार तो फैसले लेने के बाद जिला नेताओं को जानकारी मिलती थी।

 

मुकुल रॉय की विधानसभा की सदस्यता खत्म कराने स्पीकर के पास पहुंचे शुभेंदु अधिकारी

चार साल तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में काम करने वाले तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेता रहे मुकुल रॉय की विधानसभा सदस्यता खत्म कराने के लिए भगवा दल ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी तमाम कागजी कार्रवाई कर रहे हैं.
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा से मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने की अपनी मांग के समर्थन में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. बंगाल चुनाव के परिणाम आने और प्रदेश में ममता बनर्जी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार टीएमसी की सरकार बनने के बाद मुकुल रॉय हाल ही में बीजेपी से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे.
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा से मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने की अपनी मांग के समर्थन में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. बंगाल चुनाव के परिणाम आने और प्रदेश में ममता बनर्जी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार टीएमसी की सरकार बनने के बाद मुकुल रॉय हाल ही में बीजेपी से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे.

मुकुल राय के इस्तीफे की मांग

कोलकाता । वरिष्ठ नेता मुकुल राय के टीएमसी में शामिल होने के बाद अब उनके विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग हो रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने भी मुकुल से विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
श्री घोष ने कहा है कि चूंकि मुकुल रॉय अब दूसरे दल में चले गए हैं इसलिए उन्हें विधायक पद छोड़ देना चाहिए। इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मुकुल राय से विधायक पद से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। अधिकारी ने तो यहां तक अल्टीमेटम दिया है कि यदि श्री राय इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर दल बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे।

पूर्व पार्षद व माकपा नेता प्रीतिकाना विश्वास ने थामा टीएमसी का दामन

सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न दलों के नेता लगातार टीएमसी में शामिल हो रहे हैं। पूर्व उप मेयर रामभजन महतो, एमआईसी कमल अग्रवाल के बाद अब 44 नंबर वार्ड की पूर्व पार्षद व माकपा नेता प्रीतिकाना विश्वास अपने समर्थकों के साथ आज तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गयीं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की सिलीगुड़ी संगठन जिला कमेटी के सदस्य सौरभ प्रसन्नदेव भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस कार्यालय विधान भवन में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौतम देव की मौजूदगी में इन्हें पार्टी में शामिल किया गया।
प्रीतिकाना विश्वास के साथ ही साथ 41 नंबर वार्ड के इलाके के रहने वाले व माकपा की डाबग्राम लोकल कमेटी के पूर्व सचिव उज्ज्वल दास, रतन साह, शिबू साहा, माधव पाल, विपुल सरकार, समीरन प्रसाद, दुलाल बर्मन व अन्य ने भी तृणमूल कांग्रेस का झंडा थामा।

कमल की पंखुड़ियों को बिखेरने में जुटे मुकुल!

कोलकाता। राजनीति में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता। कल तक भाजपा के आंखों का तारा मुकुल राय आज तृणमूल कांग्रेस में हैं। उनकी घर वापसी शानदार रही। मुकुल राय के तृणमूल में जाने के बाद से भाजपा में कहासूनी भी शुरू हो गयी है। भाजपा के कुछ नेता अब कह रहे हैं कि उन्हें पहले से ही पता था कि मुकुल राय भाजपा ने टिक नहीं पायेंगे। इसमें कोई शक नहीं है कि मुकुल राय एक अच्छे रणनीतिकार व राजनीति के मजे खिलाड़ी हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होेंने भाजपा के लिए काम करके यह साबित भी किया। बंगाल में भाजपा ने 18 सीट जीतकर चैका दिया था। अब खबर यह है कि तृणमूल कांगे्रस में आते ही मुकुल राय अपना जौहर दिखाने लगे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा के 9 विधायकों और एक सांसद को फोन कर उनसे तृणमूल में शामिल होने के लिए कहा गया है। तृणमूल पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के 3 विधायक और एक सांसद तृणमूल के संपर्क में हैं, ये कभी भी तृणमूल में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को बनगांव में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के नेतृत्व में भाजपा की सांगठनिक बैठक थी। इस बैठक में 3 भाजपा विधायकों को पहुंचना था जो नहीं पहुंचे थे। भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर बैठक में नहीं आये थे। उनके अलावा गाइघाटा के विधायक सुब्रत ठाकुर, बागदा के विधायक विश्वजीत दास और बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया भी बैठक में नहीं आये थे।
विधायक विश्वजीत दास और भाजपा नेता सुनील सिंह के पार्टी से अलग सुर भी कई सवाल खड़े कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि कई नेता मौका देखकर भाजपा में आये थे। अब जबकि कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने का समय है तो ऐसे ही अवसरवादी नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। हालांकि जो सच में लोगों की सेवा के लिए आये थे, वे भाजपा में हैं और आगे भी रहेंगे। तूफान आने पर घास, पत्ते भी भगवान की मूर्ति के माथे पर आ जाते हैं, लेकिन तूफान थमने के बाद उन्हें हटा दिया जाता है। जो खुद को घास, पत्ता समझते हैं वे तृणमूल में जाएंगे।

मुकुल रॉय जायेंगे राज्यसभा!

मुकुल रॉय की तृणमूल कांग्रेस में वापसी के बाद पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में मुकुल के तृणमूल में लौटने के बाद ही पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने स्पष्ट कर दिया कि उनके आने से पार्टी की ताकत बढ़ी है। सूत्रों ने बताया है कि मुकुल रॉय को राज्यसभा भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय राजनीति में ममता बनर्जी की वैतरणी पार कराने के लिए मुकुल रॉय खेवनहार की भूमिका निभायेंगे।

ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला । उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय उन्होंने गोरखालैंड से लेकर बंद चाय बागानों को खुलवाने तक जैसे कई वादे किए थे। बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के वादे किए थे ।लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि वह लोगों को झूठे वादे देकर लूटने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एन आर सी के बजाय अब एनपीआर लागू करने की बात कही जा रही है, जबकि इन दोनों में कोई अंतर ही नहीं है। वही कहा कि अब तक एनआरसी रद्द नहीं की गई है । एनआरसी के कारण असम में 16 लाख लोग एनआरसी लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। बीजेपी ने अशांति फैलाने के सिवाय दूसरा कोई काम नहीं किया है। उन्होंने समर्थकों को याद दिलाया कि जब असम में आंदोलन हुआ था। जब वहां अशांति फैली थी तो उन्होंने अपने राज्य में असम के लोगों को आश्रय दिया था। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस अशांति में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अधर्म का काम नहीं होता है। यहां विकास के सभी काम हुए हैं। जलपाईगुड़ी व कूचबिहार इन 2 जिलों में काफी काम हुए हैं। मेडिकल कॉलेज, कॉलेज, स्कूल ब्रिज, सड़क यह सब कुछ बनाने का कार्य हुआ है । उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई काम करता है तो गलती स उससे होती है, तो काम करते समय हो सकता है कि तकनीकी कारणों से कुछ काम अभी भी लंबित हो। लेकिन उनकी सरकार ने ज्यादा से ज्यादा विकास करने का काम करने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ भाषण देने से नहीं होता है काम करने से होता है। उन्होंने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि कुछ चंबल के डकैत यहां आए हुए हैं तथा अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। इनके काम है सांप्रदायिक हिंसा फैलाना। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय बंद चाय बागानों को खोलने का वादा किया गया था। इतना ही नहीं इसके लिए नोटिफिकेशन किए गए थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार चीटिंगबाजी की सरकार है । वह लोगों को झांसा देना जानती है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में लोगों को रोजगार देने का वादा किया था तथा हर किसी के बैंक अकाउंट 15 लाख डालने के बात कही थी । उन्होंने गोरखालैंड देने का भी वादा किया था। लेकिन आज तक क्या वह गोरखालैंड दे पाए। उन्होंने यह भी कहा कि दार्जिलिंग समस्या का स्थाई राजनीतिक समाधान सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही कर सकती है, दूसरा कोई भी इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के नाम पर बीजेपी नेताओं ने सिर्फ संप्रदायिक उन्माद फैलाने और एक दूसरे को लड़ाने का काम किया है। उनका काम ही है झूठे वादे करना और जाति और धर्म की राजनीति करके एक दूसरे से लड़ाना। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव के समय कोई उन्हें पैसे देता है तो वह ले ले, वोट तृणमूल को दे। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि लोकसभा चुनाव में उत्तर बंगाल से उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिला तो ऐसे में उनकी पार्टी का क्या दोष था । उन्होंने लोगों से कहा कि जो हो गया सो हो गया ,लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को भारी मतों से जीताए है और उन्हें अपना आशीर्वाद दें। उन्होंने ओवेसी पर पर भी इशारों इशारों में निशाना साधा तथा कहा कि वह बीजेपी का एजेंट है और यहां वोट बाटने इरादे से आ रहा है। वह यहां हिंदू व मुसलमान करके लोगों को आपस में दूर करते हुए वोट बांटने का कार्य करने वाला है, तो आप सभी इन नेताओं के झांसे में ना आए और टीएमसी को अपना जन समर्थन दें।

Sharadha chit fund case :Shivendu Adhikari wrote a letter to the CBI director

TMC leader Shivendu Adhikari wrote a letter to the CBI director regarding the Sharadha chit fund case. In the letter, he alleged that there was a serious possibility of interference in the ongoing investigation in the case. However, the case is being investigated by the CBI on the orders of the Supreme Court. According to the media report, Sudipto Sen had alleged in a letter that the leaders took a large amount of Rs 2 crore to Rs 9 crore from him. Sudipta Sen also wrote a letter to PM Modi and CM Mamata Banerjee regarding the Sharadha chit fund case, saying that Congress, CPI (M) and Trinamool leaders have taken crores of rupees from them. In his letter, Sen alleged that the leaders took large amounts ranging from Rs 2 crore to Rs 9 crore from him. Shivendu Adhikari , State Congress President Adhir Ranjan Chaudhary and CPM MLA Sujan Chakraborty has taken six crore rupees , six crores and nine crores from him respectably. In the letter, he requested the CBI to investigate and take state police to action .

हिंदी में पढ़े –

Governor Dhankhar warned ,”if the Chief Minister deviates from her path then my role will start”

In Kolkata, Governor Jagdeep Dhankar held a press conference on 11 December regarding attack the on convoy of BJP National President JP Nadda. In the press conference, the governor attacked CM Mamata Banerjee and said that she has to follow the constitution. She cannot deviate from her path. The law and order situation in the state has been deteriorating for a long time. He further said that it is my responsibility to protect the Constitution of India. If the Chief Minister deviates from his path then my role will begin. Regarding the attack on Nadda’s convoy, the incident on December 10 is unfortunate. It is a blot on our democracy. I have sent a report about the events which are very disturbing to the Central Government, whose content I cannot share. Further, the Governor questioned Mamata, who is the outsider in the state, what does it mean to them? Whether Indian citizens are also outsiders, Mamata should not make such a statement. The Chief Minister should not play with fire. Saying external is an insult to the constitution. It is a dangerous game to say outside-inside. Mamata should work according to the constitution. Referring to the attack on Nadda, the Governor described the incident as an attack on human rights. The governor said that the attack on the day of human rights is an attack on human rights. The attack on 10 December is a blot on democracy and is extremely shameful. Constitutional limitations are being broken in Bengal. Police administration in Bengal has failed. 10 December people took to the streets uncontrollably. I had informed the DGP about yesterday’s attack. Mamata should apologize for yesterday’s incident. He should withdraw his statement on the BJP president. She is working with a sense of revenge.

हिंदी में पढ़े –