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सांसद ने लिया चीयर्स फाॅर इंडिया रन में भाग, बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

कोलकाता। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने आज कोलकाता में भारतीय जनता युवा मोर्चा की तरफ से आयोजित चीयर्स फाॅर इंडिया रन में भाग लिया। इसका उदेश्य आॅलोम्पिक में भाग ले रहे भारतीय खिलाडियों को उत्साहित करना एवं उन्हें यह बताना है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनकी सफलताओं की कामना कर रहा है। राजू बिष्ट के अलावा राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, राज्य भाजयुमो अध्यक्ष सौमित्र खान, भाजपा के राज्य सचिव दीपांजन गुहा, वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा, भाजपा के राज्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य, भाजयुमो राज्य महासचिव प्रकाश दास आदि ने भाग लिया। श्री बिष्ट ने इस मौके पर कहा कि हमारा उदेश्य आॅलोम्पिक में भाग ले रहे भारतीय खिलाडियों को उत्साहित करना एवं उनकी सफलता की कामना करना है। उन्होंने आज की दौड़ में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं भी दी।

राष्ट्रीय राजनीति में नये आयाम बनाने के प्रयासों के बाद कोलकाता लौटी मुख्यमंत्री

कोलकाता। लगातार तीन बार बंगाल की सत्ता हासिल करने वाली राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पांच दिवसीय दिल्ली दौरे से वापस कोलकाता लौट आई है। राज्य विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा था। राज्य में अपनी जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजनीति में नये आयामों को तालाशने के उदेश्य से दिल्ली गयी थी जहां वे कांग्रेस अघ्यक्ष सोनिया गांघी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी। कोलकाता लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका दिल्ली दौरा सफल रहा है। अब से वे हर दो महीने में दिल्ली आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकतंत्र कायम रहना चाहिये इसी मकशद से वे अपने राजनैतिक सहयोगियों से दिल्ली में मिली। राजनैतिक उदेश्य के लिये विपक्षी एकता से बेहतर और कुछ हो ही नहीं सकता। जिन नेताओ के साथ उन्होंने बैठक की, वे बैठके अच्छी रही। हम साथ मिलकर काम करना करेंगे। ज्ञात हो कि अपने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, कमलनाथ और अभिषेक मनु सिंधवी के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व द्रमुक नेता कनीमोई से भी मुलाकात की। विपक्ष को एकजुट करने के लिहाज से इन बैठकों को काफी अहम माना जा रहा है। समझा जाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में आने का मन बना चुकी है। इसी बीच उन्होंने किसानों के आंदोलन को भी अपना पूरा समर्थन बताया है। हालांकि राज्य के विकास पर भी उनका पूरा ध्यान है! उन्होंने कहा कि राज्य के कार्यों को पूरा करते हुए वे दिल्ली का दौरा करती रहेंगी।

The National Highway that connects Siliguri and Sikkim has been blocked at 29th Mile

The National Highway that connects Siliguri and Sikkim has been blocked at 29th Mile, Rangpo due to the massive landslide that occurred this morning at around 7 am. This route is the most important pathway which connects Sikkim to the Plains of Siliguri.

The NH10 connects Sikkim’s  Rangpo to Kalimpong District and Darjeeling. The neighboring state Sikkim and various districts of Kalimpong can witness heavy rainfall in the coming days. An orange alert has also been sounded by the Met for the same.

According to locals, the heavy rainfall on Saturday night led to this massive mishap. The administration rushed to the spot and the clearance work has begun. However, The highway still remains closed and is expected to be cleared within a day or two.

Modi makes it to wretch, Galleries in RSF Free Press Predators

Modi listed in RSF’s ‘Predators of Press Freedom
Reporters Without Borders (RSF) recently released a list of 37 heads of state who have the lowest press freedom under their jurisdiction, including Prime Minister Narendra Modi.
Modi’s “close ties with billionaire businessmen who own vast media empires” have contributed to the dissemination of his nationalist-populist ideology through continual coverage of his “extremely divisive and derogatory” speeches, according to RSF’s entry.
The right to inform and be informed is regarded as a basic human right, and RSF is the world’s largest non-profit organization that works towards media freedom. In their 2021 World Press Freedom Index, India ranks at 142nd out of 180 countries.
Along with Pakistan’s Prime Minister Imran Khan, Myanmar’s military head Min Aung Hlaing, and North Korea’s S Leader Kim Jong-un, Modi has been mentioned among the “Predators of Press Freedom.” They have been listed alongside 33 other heads of state who “trample on press freedom by creating a censorship apparatus, jailing journalists arbitrarily, or inciting violence against journalists when they don’t have blood on their hands because they have directly or indirectly pushed for the murder of journalists,” according to RSF.
This list was last updated in 2016, with 17 new entries. There are world leaders on the list that have been on it since it was first published in 2001. Syria’s Bashar al-Assad, Iran’s Ali Khamenei, Russia’s Vladimir Putin, and Belarus’ Alexander Lukashenko were amongst them. Sheikh Hasina of Bangladesh and Carrie Lam of Hong Kong are the only two women on the list.
Modi has been Prime Minister of India since 2014, and according to the entry, he has been “a predator since coming to power.” RSF also mentions journalists who have been targeted by Modi’s hate, such as Gauri Lankesh, a journalist who was shot dead outside her home in 2017 for opposing Hindutva. They also cite Rana Ayyub and Barkha Dutt, who was threatened with gang rape and had their personal information leaked online to aid attacks.

The Crazy Crowd at Himachal: Who Will be the Responsible for the Next Wave of Pandemic?

With the number of Covid 19 cases decreasing in India, the Government has eased restrictions in various parts of the country. Tourists have flocked to Manali, Shimla, Kufri, Mussoorie, and resorts located in Himachal Pradesh to escape the scorching heat. While the surge of tourists in the hill stations certainly brought delight to the faces of hoteliers and business owners who rely on tourism for a living, it has once again raised worries about the third wave of Covid-19.

Himachal appears to have prioritized survival over life during the pandemic. Thousands of tourists visit the state every day, potentially opening the door to an early third wave if Covid Protocols are disobeyed.

Delay in monsoon and the rising temperature in the urban areas are the main reason why these hill stations are receiving an overflow of tourists. The other reason that can be looked upon as the commencement of interstate bus services. The tourist flow is expected to decrease after 15 July when the monsoon showers may bring down the temperature in urban cities.

जाने.माने पत्रकार लक्ष्मीकांत दुबे का निधन

कोलकाता। जाने.माने पत्रकार लक्ष्मीकांत दुबे का निधन हो गया है। सिलीगुड़ी के ज्योति नगर स्थित उनके फ्लैट से उनका शव बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । हालाकि मौत के सही कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है। बताते चलें कि लक्ष्मी कांत दुबे दैनिक जागरण दैनिक भास्कर सन्मार्ग जैसे बड़े अखबारों में काम कर चुके थे । वह उत्तर भारत के जाने.माने पत्रकारों में शुमार थे। उनके निधन पर सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट्स क्लब ने शोक व्यक्त किया है । साथ ही जाने.माने वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपनी संवेदना जाहिर की है।

महामारी से जान गंवाने वाले के परिजनों को मुआवजा देने का रास्ता साफ !

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 महामारी से जान गंवाने वाले के परिजनों को मुआवजा देने का रास्ता साफ कर दिया है। उसने आज एक अहम आदेश में कहा कि मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये का ही मुआवजा मिले यह जरूरी नहीं है, लेकिन उन्हें मुआवजा जरूर देना होगा क्योंकि यह सरकार का संवैधानिक दायित्व है। जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।) ऐक्ट की धारा-12 का जिक्र करते हुए कहा कि आपदा में मृत्यु पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है जिसे पूरा करना सरकार का दायित्व है।
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने एनडीएमए को गाइडलाइंस तैयार करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनडीएमए अपनी गाइडलाइंस में कोविड से मौत के मामले में न्यूनतम मुआवजा राशि देने की सिफारिश करे। ध्यान रहे कि कोविड से मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआजवा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र ने कहा था कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा-12 का प्रावधान अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि हम कोविड से मौत के मामले में मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि देने के मामले में एनडीएमए को निर्देश देते हैं कि वह गाइडलाइंस तय करे ताकि न्यूततम पैमाने के तहत राहत मिले। हम नैशनल अथॉरिटी पर छोड़ते हैं कि वह उचित रकम मुआवजे के लिए तय करे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में ये भी कहा है कि कोविड से मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के दौरान उसमें तारीख और मौत का कारण कोविड लिखा जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर परिजन संतुष्ट नहीं हैं तो मौत का कारण सही करने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाए।
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता गौरव कुमार बंसल और एक अन्य याची ने कहा है कि कोविड से होने वाली मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।

फर्जी कोविड टीकाकरण शिविर मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया

कोलकाता। फर्जी कोविड टीकाकरण शिविर मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से मंगलवार को यह जानकारी दी गयी। इन नयी गिरफ्तारियों के साथ, कोलकाता पुलिस इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है जिनमें फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देब भी शामिल है जो शहर में फर्जी कोविड टीकाकरण शिविर का मास्टरमाइंड है। सोमवार रात की छापेमारी में, नकताला इलाके से देब के रिश्तेदार और शहर के उत्तरी हिस्से से एक और 52 वर्षीय व्यक्ति को पकड़ा गया। देब के रिश्तेदार को शुरु से ही मालूम था कि वह आईएएस अधिकारी नहीं है और इसके बावजूद उसने अवैध गतिविधियों में उसकी मदद करना जारी रखा। दूसरा व्यक्ति तालताला इलाके के एक डॉक्टर के साथ जुड़ा हुआ है और वह शिविरों में आने वाले लोगों को कोविड का फर्जी टीका लगवाने में देब की मदद करता था। कोलकाता नगरपालिका का फर्जी संयुक्त आयुक्त बताने और फर्जी टीकाकरण शिविरों को चलाने के आरोप में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। उसके तीन सहयोगियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

15 जुलाई तक लाॅकडाउन जारी

15 जुलाई तक लाॅकडाउन बढ़ाया गया
कोलकाता। सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सरकारी बसें, निजी बसें व सार्वजनिक-निजी बसें 50 प्रतिशत यात्रियों को ले जा सकेंगी। हालांकि, फिलहाल लोकल ट्रेनों पर पाबंदियां रहेंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक लाॅकडाउन जारी रहेगा।
आज मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 50 फीसदी ग्राहकों के साथ सैलून, पार्लर सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खोले जा सकेंगे। सब्जी और मछली बाजार सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुले रहेंगे। अन्य सभी दुकानें सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुली रखी जा सकती हैं। 50 प्रतिशत लोगों के साथ जिम खोला जा सकता है। तत्काल जरूरतों को छोड़कर रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक प्रतिबंद्ध लागू रहेगा। सभी निजी कार्यालय 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ खोले जा सकते हैं। सभी निजी कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खुले रखे जा सकेंगे। कंपनी को कर्मचारियों के परिवहन की व्यवस्था खुद करनी होगी। कुछ रियायतों के साथ स्थिति को देखते हुए अगला कदम उठाया जाएगा।
फर्जी आईएएस देबंजन देब के फर्जी टीकाकरण शिविर के बारे में पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, जो लोगों की जान से खेलते हैं, वे आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं। राज्य में 21 मिलियन लोग पहले ही कोरोना वैक्सीन प्राप्त कर चुके हैं। फोटो दिखाकर ठगी करने वालों को छूट नहीं दी जाएगी। तस्वीरों का इस्तेमाल करना धोखेबाजों का काम है। धोखेबाज की मदद करने वालों को भी नहीं छोड़ा जायेगा।

क्रिकेटर रिद्धिमान साहा के परिजनों ने अनाथ बच्चों की मदद की

सिलीगुड़ी के भूमिपुत्र व सफल क्रिकेटर रिद्धिमान साहा के परिजनों ने एक गरीब परिवार के चार अनाथ छात्रों की शिक्षा के लिए पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच के माध्यम से घोषपुकुर अंबारी हाईस्कूल को 10,000 रुपये का दान दिया। छात्रों के माता-पिता दोनों की बीमारी के कारण निधन हो गया है। फिलहाल उनके घर की सुध लेने वाला कोई नहीं है। चारों भाई-बहन किसी तरह से दिन गुजार रहे हैं। स्कूल के माध्यम से खबर मिलने के बाद साइंस फोरम के प्रतिनिधि उनकी मदद के लिए आगे आए। पश्चिम बंगाल विज्ञान मंच की दार्जिलिंग जिला समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ गोपाल डे ने कहा कि चार अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता के अलावा उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उनके ठहरने के लिए किसी विश्वसनीय अनाथालय या मिशन की तलाश की जा रही है। जब तक उन बच्चों की शिक्षा और आवास की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, विज्ञान मंच के प्रतिनिधि उनकी देखभाल करेंगे। डॉ. डे ने किसी व्यक्ति या संगठन से इस संबंध में आगे आने की अपील की है। आज के कार्यक्रम में अंबारी हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक आस्तिक मंडल, रिद्धिमान साहा के चाचा सुशांत रॉय, घोषपुकुर विज्ञान परिषद के अध्यक्ष अचिंत्य कुमार रॉय, सह सचिव दिव्येंदु राय, दार्जिलिंग जिला समिति के सचिव देवर्षि भट्टाचार्य आदि मौजूद थे।