राजनीति के केंद्र में बंगाल

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राजनीति के केंद्र में बंगाल

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कोलकाता: इन दिनों राजनीति के केंद्र में बंगाल है। बंगाल की बात किये बिना राजनीति पूरी नहीं होती है। एक बार फिर बीजेपी के नेता शुवेंदु अधिकारी दिल्ली बुलाये गये हैं। 12 दिन के भीतर दूसरी बार वह दिल्ली बुलाये गये हैं। इन सबसे अलग तृणमूल कांग्रेस अब राष्टीय राजनीति में एंट्री की कोशिश में जुटी है और इस काम में उसका साथ प्रशांत किशोर दे रहे हैं। तभी तो प्रशांत देश के सभी विपक्षी बड़े नेताओं से मिल रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच कांग्रेस को महत्व नहीं दिया जा रहा है। इससे खफा होकर कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चैधरी ने तृणमूल कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कांग्रेस के भाग्य विधाता नहीं हैं। अधीर रंजन चैधरी का यह बयान उन खबरों के परिप्रेक्ष्य में आया है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर कांग्रेस को अलग रखकर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे फ्रंट के गठन की कवायद में जुटे हुए हैं और इस बाबत विभिन्न भाजपा विरोधी दलों के नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने हाल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार समेत कई नेताओं से मुलाकात की है। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने अब तक कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के किसी भी नेता से मुलाकात नहीं की है।
अधीर रंजन चैधरी ने कहा-’प्रशांत किशोर कांग्रेस के भाग्य विधाता नहीं हैं। वे जिनके भाग्य विधाता हैं, वे ही इन सब बातों पर चर्चा करेंगे। वे क्या करने वाले हैं, इसे लेकर हम नहीं सोच रहे।’ शरद पवार की ओर से बुलाई गई बैठक के बारे में अधीर रंजन चैधरी ने कहा-’हमारी पार्टी की बैठक नहीं है। वे किसे बुलाएंगे और किसे नहीं, यह उनका मामला है।’ तृणमूल कांग्रेस बंगाल विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद अब 2024 के लोकसभा चुनाव तक प्रशांत किशोर की सेवा लेगी। तृणमूल कांग्रेस के इस बाबत लिए जाने वाले सभी निर्णय में प्रशांत किशोर की अहम भूमिका होगी।

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