कमल की पंखुड़ियों को बिखेरने में जुटे मुकुल!
कोलकाता। राजनीति में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता। कल तक भाजपा के आंखों का तारा मुकुल राय आज तृणमूल कांग्रेस में हैं। उनकी घर वापसी शानदार रही। मुकुल राय के तृणमूल में जाने के बाद से भाजपा में कहासूनी भी शुरू हो गयी है। भाजपा के कुछ नेता अब कह रहे हैं कि उन्हें पहले से ही पता था कि मुकुल राय भाजपा ने टिक नहीं पायेंगे। इसमें कोई शक नहीं है कि मुकुल राय एक अच्छे रणनीतिकार व राजनीति के मजे खिलाड़ी हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होेंने भाजपा के लिए काम करके यह साबित भी किया। बंगाल में भाजपा ने 18 सीट जीतकर चैका दिया था। अब खबर यह है कि तृणमूल कांगे्रस में आते ही मुकुल राय अपना जौहर दिखाने लगे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा के 9 विधायकों और एक सांसद को फोन कर उनसे तृणमूल में शामिल होने के लिए कहा गया है। तृणमूल पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के 3 विधायक और एक सांसद तृणमूल के संपर्क में हैं, ये कभी भी तृणमूल में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को बनगांव में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के नेतृत्व में भाजपा की सांगठनिक बैठक थी। इस बैठक में 3 भाजपा विधायकों को पहुंचना था जो नहीं पहुंचे थे। भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर बैठक में नहीं आये थे। उनके अलावा गाइघाटा के विधायक सुब्रत ठाकुर, बागदा के विधायक विश्वजीत दास और बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया भी बैठक में नहीं आये थे।
विधायक विश्वजीत दास और भाजपा नेता सुनील सिंह के पार्टी से अलग सुर भी कई सवाल खड़े कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि कई नेता मौका देखकर भाजपा में आये थे। अब जबकि कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने का समय है तो ऐसे ही अवसरवादी नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। हालांकि जो सच में लोगों की सेवा के लिए आये थे, वे भाजपा में हैं और आगे भी रहेंगे। तूफान आने पर घास, पत्ते भी भगवान की मूर्ति के माथे पर आ जाते हैं, लेकिन तूफान थमने के बाद उन्हें हटा दिया जाता है। जो खुद को घास, पत्ता समझते हैं वे तृणमूल में जाएंगे।

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