ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की

Back to Blogs

ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की

Share

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला । उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय उन्होंने गोरखालैंड से लेकर बंद चाय बागानों को खुलवाने तक जैसे कई वादे किए थे। बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के वादे किए थे ।लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि वह लोगों को झूठे वादे देकर लूटने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एन आर सी के बजाय अब एनपीआर लागू करने की बात कही जा रही है, जबकि इन दोनों में कोई अंतर ही नहीं है। वही कहा कि अब तक एनआरसी रद्द नहीं की गई है । एनआरसी के कारण असम में 16 लाख लोग एनआरसी लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। बीजेपी ने अशांति फैलाने के सिवाय दूसरा कोई काम नहीं किया है। उन्होंने समर्थकों को याद दिलाया कि जब असम में आंदोलन हुआ था। जब वहां अशांति फैली थी तो उन्होंने अपने राज्य में असम के लोगों को आश्रय दिया था। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस अशांति में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अधर्म का काम नहीं होता है। यहां विकास के सभी काम हुए हैं। जलपाईगुड़ी व कूचबिहार इन 2 जिलों में काफी काम हुए हैं। मेडिकल कॉलेज, कॉलेज, स्कूल ब्रिज, सड़क यह सब कुछ बनाने का कार्य हुआ है । उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई काम करता है तो गलती स उससे होती है, तो काम करते समय हो सकता है कि तकनीकी कारणों से कुछ काम अभी भी लंबित हो। लेकिन उनकी सरकार ने ज्यादा से ज्यादा विकास करने का काम करने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ भाषण देने से नहीं होता है काम करने से होता है। उन्होंने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि कुछ चंबल के डकैत यहां आए हुए हैं तथा अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। इनके काम है सांप्रदायिक हिंसा फैलाना। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय बंद चाय बागानों को खोलने का वादा किया गया था। इतना ही नहीं इसके लिए नोटिफिकेशन किए गए थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार चीटिंगबाजी की सरकार है । वह लोगों को झांसा देना जानती है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में लोगों को रोजगार देने का वादा किया था तथा हर किसी के बैंक अकाउंट 15 लाख डालने के बात कही थी । उन्होंने गोरखालैंड देने का भी वादा किया था। लेकिन आज तक क्या वह गोरखालैंड दे पाए। उन्होंने यह भी कहा कि दार्जिलिंग समस्या का स्थाई राजनीतिक समाधान सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही कर सकती है, दूसरा कोई भी इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के नाम पर बीजेपी नेताओं ने सिर्फ संप्रदायिक उन्माद फैलाने और एक दूसरे को लड़ाने का काम किया है। उनका काम ही है झूठे वादे करना और जाति और धर्म की राजनीति करके एक दूसरे से लड़ाना। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव के समय कोई उन्हें पैसे देता है तो वह ले ले, वोट तृणमूल को दे। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि लोकसभा चुनाव में उत्तर बंगाल से उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिला तो ऐसे में उनकी पार्टी का क्या दोष था । उन्होंने लोगों से कहा कि जो हो गया सो हो गया ,लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को भारी मतों से जीताए है और उन्हें अपना आशीर्वाद दें। उन्होंने ओवेसी पर पर भी इशारों इशारों में निशाना साधा तथा कहा कि वह बीजेपी का एजेंट है और यहां वोट बाटने इरादे से आ रहा है। वह यहां हिंदू व मुसलमान करके लोगों को आपस में दूर करते हुए वोट बांटने का कार्य करने वाला है, तो आप सभी इन नेताओं के झांसे में ना आए और टीएमसी को अपना जन समर्थन दें।

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to Blogs