कश्मीरी पंडितों की समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल लॉन्च
श्रीनगर। लगता है, घाटी एक बार फिर कश्मीरी पंडितों से गुलजार होने वाली है। कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, उनकी समस्याओं के समाधान, और उन्हें न्याय मिले, इसके लिए सरकार पूरी तरह से तत्पर दिख रही हैं। जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पोर्टल की शुरूआत की गई है पोर्टल से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की संपत्ति समेत उनकी समस्याओं को दर्ज किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से कश्मीरी पंडित अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। बाद में प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मंगलवार को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पोर्टल को लांच किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि करीब 44000 परिवारों ने इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 40142 हिंदू परिवार है, 2684 मुस्लिम परिवार है और 1730 एक परिवार है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के लंच लांच होने से तकनीकी रूप से हम प्रवासी कश्मीरियों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। एक डोर टू डोर कैंपेन शुरू होगा, जहां सभी लोगों को जल्द से जल्द पोर्टल से जोड़ा जाएगा। शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी मिलेगी। बाद में इस आईडी के मध्य से आवेदन को संबंधित जिले में भेज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ता को भी समय समय पर उचित जानकारी मिलेगी।
ज्ञात हो कि केंद्र और राज्य सरकार राज्य में कश्मीरी विस्थापितों की वापसी के लिए प्रयासरत है। हाल ही में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घाटी में वापसी करने के इच्छुक कश्मीरी पंडित परिवारों के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया था कि वे जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन करें। खबर है कि जून के आखिर तक 98600 कश्मीरी परिवारों को आवास प्रमाण पत्र भी दिया जा चुका है। इसके साथ ही विस्थापित कश्मीरियों के 2340 परिवारों को नए प्रवासी के तौर पर पंजीकृत भी किया गया है। कुल मिलाकर केंद्र सरकार अपने किए गए वादे पर अमल कर रही हैं। जम्मू कश्मीर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के जो अधिकार खो गए थे, वे उन्हें वापस मिले और इसी कड़ी में यह पोर्टल एक और प्रयास है।

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