Author - Biswajit Roy

Death toll rises to 165 in Nepal flash floods

Officials stated on Thursday that the death toll from the massive floods in Nepal has risen to 165. Many people, including over 300 Indian tourists, remain missing in this disaster, which ranks among the country’s worst in recent years.

Nepal Police reported on Thursday that the death toll from the floods—caused by the Bhote Koshi River wreaking havoc across three districts on Wednesday—has reached 165, following the recovery of three additional bodies from Nawalparasi West.

Fatalities include two in Rasuwa, 12 in Nuwakot, 27 in Dhading, 64 in Chitwan, 20 in Gorkha, nine in Tanahun, 26 in Nawalparasi East, and five in Nawalparasi West, bringing the total death toll to 165.

 

Reported by Biswajit Roy

एसएसबी के 58 वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीमांत सिलीगुड़ी में कार्यक्रम आयोजित

रानीडांगा। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 58 वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीमांत सिलीगुड़ी की ओर से एक शानदार परेड एवं मनमोहक कार्यक्रमों का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कोविड से संबंधित सावधानियों का पालन करते हुए मनाया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण, सीमांत के रानीडांगा जलपाईगुड़ी और गंगटोक क्षेत्रक ( सेक्टर ) के अधिकारियों और जवानों द्वारा किया गया गया मार्च पास्ट रहा। जिसकी सलामी महानिरीक्षक, सीमांत सिलीगुड़ी श्रीकुमार बनर्जी ने ली। इस अवसर पर महानिरीक्षक ने सीमांत सिलीगुड़ी के अंतर्गत आने वाले इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों को महानिदेशक सशस्त्र सीमा बल द्वारा दी गई एक गोल्डन डिस्क, 36 सिल्वर डिस्क और एक उत्कृष्ट सेवा पदक एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया। अपने संदेश में महानिरीक्षक ने देश के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे जम्मू -कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में बल कर्मियों द्वारा दिए गए बलिदानों का स्मरण किया। उन्होंने बल कर्मियों को उनकी परिचालन उपलब्धियों पर बधाई दी और उन्हें राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। महानिरीक्षक ने सीमावर्ती आबादी की सामाजिक – आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए भारत – नेपाल और भारत – भूटान सीमाओं में बल द्वारा की जा रही विविध गतिविधियों , जैसे की नागरिक कार्रवाई, सामुदायिक कल्याण और कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला। उप महानिरीक्षक क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा अमित कुमार, उप महानिरीक्षक सीमांत मुख्यालय सिलीगुडी थॉमस चाको, उप महानिरीक्षक , सीमांत मुख्यालय सिलीगुड़ी दुर्गा बहादुर सोनार, कमांडेंट 41 वीं वाहिनी सुभाष चंद नेगी , कमांडेंट सीमांत मुख्यालय सिलीगुड़ी नीरज चंद तथा सीमांत मुख्यालय सिलीगुड़ी, क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा और 41 वीं वाहिनी के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य समारोह में उपस्थित थे ।

विजय दिवस पर सूर्या फाउंडेशन की ओर से शानदार कार्यक्रम आयोजित

खोरीबाड़ी। विजय दिवस के अवसर पर सूर्या फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को कादोमनीजोत, पानीटंकी, मदनजोत, अनंतरामजोत एसएसबी कैम्पों में अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान एसएसबी अधिकारियों व जवानों को खादा पहनाकर स्वागत किया गया। विजय दिवस के अवसर पर शहीद हुए सैनिकों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजली दी गयी। स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गये। जिसमें आसपास के 5 गांव के कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को एसएसबी की तरफ से पुरस्कार प्रदान किया गया। अलग-अलग चौकियों पर सीमा चेतना मंच एक्स सर्विसमैन एसोसिएशन सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने भी अपनी सहभागिता निभाई । कार्यक्रम में जन प्रसाद बहाल, पूर्ण चंद्र शर्मा, केबी बिष्ठा, पूर्व कैप्टन राम खटकी, विरेन सिकदर, पूर्णिमा राय, शत्रुघ्न कश्यप, सौबिन्द बर्मन सहित अनेक बंधुओं की सहभागिता रही। उल्लेखनीय है की आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। हमारी सेनाओं ने युद्ध में देश को निर्णायक विजय दिलाई थी ।

आधी रात को प्रधानमंत्री ने लिया शहर का जायजा स्टेशन पर यात्री सुविधा देखने पहुंचे रात के 1 बजे

बाराणसी। काशी या बनारस की संकरी गलियां विश्व प्रसीद्ध है। इन संकरी गलियों, सिर के उपर लटकटी बिजली की नंगी तारों को जंजाल ओर शहर की भीड़ को यहां के लोगों ने अपनी किस्मत मान ली थी। खुद विश्वनाथ मंदिर की गली की हालत भी इतनी ही बदतर थी। लेकिन बनारस के लोगों की इस किस्मत को प्रधानमंत्री मोदी ने चमका दिया। गलियों के आसपास बसे मंदिर के पंडों के घरों जिन्हें हटाने की बात कोई सोंच भी नहीं सकता था उनको ऐसे हटवाया कि किसी को कोई शिकायत नहीं हुई। गलीयां अभी चौड़ी, एलईडी लाइटों से चमकती बन गयी। गदौलिया चॉक, जहां बारह महीने जाम लगा रहता था वहां अब विशाल मल्टिलेबल पार्किंग बन गया है। 20 हजार वर्ग फीट के विश्वनाथ मंदिर को चौड़ा कर अब उसे 5 लाख वर्ग फीट कर दिया गया है। बीते 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस दिन गंगा के तमाम घाटों से लेकर पुरे काशी धाम को एलईडी लाइटों से यूं सजाया गया मानो दीपावली हो। काशी को चमकाने में प्रधानमंत्री मोदी ने 4500 करोड़ रुपए खर्च किये हैं। जिसमें 900 करोड़ सिर्फ विश्वनाथ कॉरिडोर पर खर्च किये गये हैं।
बनारस के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन अब बनारस स्टेशन के नाम से जाना जाता है। सिर्फ नाम ही नहीं पूरे रेलवे स्टेशन का कायाकल्प कर दिया गया है। यहां के अग्रेंजों के जमान की बिल्डिंग को तोड़कर नया और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन बनाया गया है। रेलवे ने यहां की केबल यात्री सुविधाओं पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी कभी भी कागजी रिपोर्ट पर भरोषा नहीं करते हैं। इसलिए 13 दिसंबर को विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन के बाद आधी रात को जैसे ही सड़कों से भीड़ थोड़ी कम हुई वे निर्माण कार्यों का जायजा लेने पैदल निकल पड़े। मोदी जी के सड़क पर पैदल निकलने की सूचना शहर में फैलते देर ना लगी। लोगों की भीड़ सड़कों पर जुटने लगी। प्रधानमंत्री ने भी किसी को निराश नहीं किया। उन्होंने लोगों से मिलकर उनका हाल चाल पूछा। चारों तरफ मोदी जी की जय-जयकार गुंजने लगी। गदौलिया चॉक के बाद वे बनारस स्टेशन का जायजा लेने रात के लगभग 1 बजे पहुंच गये। वहां की साफ सफाई व यात्री सुविधा की तमाम पहलुओं को अच्छी तरह देखने व परखने के बाद अधिकारियों से बातचीत की।
विश्वनाथ कॉरिडोर से लेकर गंगा सफाई व गंगा घाटों को एलईडी लाइटों से जगमगाने के नजारे का मोदी जी ने खुब लुफ्त उठाया। उन्होंने सरकारी क्रूज में गंगा में बैठकर गंगा घाट पर लेजर लाइटिंग का आनन्द लिया वहीं आधी रात को शहर में घुमकर निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए शहर को चमकाये जाने के काम को देखा। सुबह गंगा नहाने से लेकर विश्वनाथ मंदिर में पूजा व आधी रात को फिर से शहर में घुमने व जायजा लेने निकलना, ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे काशी के कायाकल्प को देखकर मोदी जी की भी नींद उड़ गयी थी।

Union Cabinet passes proposal to raise the legal age for marriage of women to 21 years

The Union Cabinet on Wednesday passed the proposal to raise the legal age of marriage for women to 21 years. At present, the minimum age of marriage for men is 21 years and for women is 18 years. The plan was announced by Prime Minister Narendra Modi during his Independence Day address of 2020.

 

The government will introduce an amendment to the Prohibition of Child Marriage Act, 2006, and will also bring amendments to the Special Marriage Act, 1954, and the Hindu Marriage Act, 1955.

 

The clearance for the proposal is based on the report submitted to NITI Aayog by a task force headed by Jaya Jaitly. The task force was created by the center to examine the “matters pertaining to the age of motherhood, imperatives of lowering MMR (Maternal Mortality Rate), improvement of nutritional levels and related issues”.

 

The task force was created in June 2020 and gave its report in December 2020. The task force had said that the minimum age of women at the time of giving birth to their first child should be 21 years.

The task force has also advised the government to chalk out a comprehensive public awareness campaign aimed at encouraging social acceptance of the decision. Significantly, the committee also recommended that sex education be formalized and introduced in the school curriculum.

 

Besides this, training of women in polytechnic institutes, skills and business training, and livelihood enhancement have also been recommended to ensure that an increase in the legal age of marriage can be implemented.

भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों की संयुक्त गश्ती

खोरीबाड़ी। भारत – नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों, तस्करी आदि को रोकने के उद्धेश्य से सशस्त्र सीमा बल 41वीं बटालियन रानीडांगा अन्तर्गत एफ कंपनी भातगांव समवाय क्षेत्रों में एसएसबी तथा नेपाल एपीएफ ने संयुक्त गश्ती चलाया। साथ ही एक दूसरे के बीच महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गयी। मिली जानकारी अनुसार 41वीं बटालियन एसएसबी भातगांव समवाय के इंचार्ज इंस्पेक्टर पेम थीन्ले तथा नेपाल एपीएफ इंस्पेक्टर बीआर दाहाल के नेतृत्व में जवानों द्वारा भातगांव समवाय क्षेत्र के पिलर संख्या 100/1 से 101 के बीच संयुक्त गश्ती की गई। इंडो नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी और नेपाल के एपीएफ द्वारा संयुक्त पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को रोकने को लेकर समन्वय सहयोग और संवाद बनाए रखने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है की भारत नेपाल की सीमा खुली हुई है। जिसका लाभ असामाजिक और आपराधिक तत्व के लोग उठाते हैं। इसके रोकथाम के लिए एसएसबी व नेपाल के एपीएफ मिलकर संयुक्त पेट्रोलिंग की।

Omicron is spreading at a pace which the world has not seen with any other previous variant

The World Health Organisation has warned that Omicron is spreading at a rate that the world has not seen with any other previous variant of Covid-19.

Director-General of the WHO, Tedros Adhanom Ghebreyesus warned people that vaccines alone will not get any country out of this crisis and said, “Countries can and must prevent the spread of Omicron with measures that work today. It’s not vaccines instead of masks. It’s not vaccines instead of distancing. It’s not vaccines instead ventilation or hand hygiene. Do it all. Do it consistently. Do it well”

 

Dr. Tedros said in a media briefing on Tuesday that 77 countries have now reported cases of Omicron. He further said, “The reality is that omicron is probably in most countries even if it hasn’t been detected yet.”

 

He also said, “We’re concerned people are dismissing omicron as mild. Even if Omicron does cause less severe disease, the sheer number of cases could once again overwhelm unprepared health systems.”

 

 

Talking about booster shots Dr. Tedros said,” “The emergence of Omicron has prompted some countries to roll out COVID19 booster programs for their entire adult populations, even while we lack evidence for the effectiveness of boosters against this variant.”

 

He said WHO is not against boosters but WHO is concerned that such programs will repeat the COVID19 vaccine hoarding the world saw this year, & exacerbate inequity. He said, “It’s a question of prioritization. The order matters. Giving boosters to groups at low risk of severe disease or death simply endangers the lives of those at high risk who are still waiting for their primary doses because of supply constraints.”

सशस्त्र सीमा बल 8 वीं वाहिनी ने शुरू किया सामाजिक चेतना कार्यक्रम, सीमांत क्षेत्र में महिलाओं को बना रहे आत्मनिर्भर

नक्सलबाड़ी। सशस्त्र सीमा बल 8 वीं वाहिनीं खपरैल अन्तर्गत भारत नेपाल सीमा पर स्थित बाहय सीमा चौकी बारामनिरामजोत ( ब्लॉक नक्सलबाड़ी ) क्षेत्र के अंतर्गत बारामनिरामजोत गाँव में सामाजिक चेतना अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया । मानव कल्याण कार्यक्रम के तहत 15 दिवसीय हस्तनिर्मित आभूषण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मुख्यालय रानीडांगा उप महानिरीक्षक अमित कुमार के द्वारा किया गया व इसके साथ खेल – कूद सामग्री का वितरण और निःशुल्क मानव एवं पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया | इस अवसर पर सर्वप्रथम एसएसबी 8वीं वाहिनी खपरैल कार्यवाहक कमांडेट पप्पू चकमा ने मुख्य अतिथि, स्थानीय जनता व प्रशिक्षुओं का स्वागत किया | मुख्य अतिथि ने सीमा पर सशस्त्र सीमा बल द्वारा जन कल्याण के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया तथा उन्होंने अपने संबोधन में आगे बताया कि 15 दिवसीय हस्तनिर्मित आभूषण प्रशिक्षण कार्यक्रम से सीमावर्ती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में काफी मदद मिलेगी | इस प्रशिक्षण से नक्सलबाड़ी ब्लॉक के अंतर्गत कुल 20 सीमावर्ती महिलाएं लाभान्वित होंगी | इस कार्यक्रम में सीमावर्ती स्कूली बच्चों एवं स्थानीय क्लबों के 300 लाभार्थियों के बीच खेल – कूद सामग्री का वितरण किया गया व निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर में एसएसबी 8वीं वाहिनी जीडीएमओ डॉ कौशलेन्द्र कुमार द्वारा कुल 145 पुरुषों, महिलाओं व बच्चों की चिकित्सीय जाँच कर दवाइयों का वितरण किया | पशु चिकित्सा शिविर का संचालन बीएलडीओ खोरीबाड़ी डॉ समीर कुमार दास द्वारा किया गया जिसमें 198 पालतू जानवरों की जाँच कर दवाइयों का वितरण किया | वहीं कार्यक्रम में सूर्या फाउंडेशन के भैया बहनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा ई – श्रमिक कार्ड का शिविर रखा गया । इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल की ओर से उप कमांडेट राजू यादव, सहायक कमांडेट किशोर कुमार पाठक व प्रभाकर चतुर्वेदी अन्य कार्मिकों के अलावा पंचायत सदस्य श्रीमती सजनी सुब्बा व श्रीमती रमोला बर्मन, दीप प्रोफेशनल स्किल फाउंडेशन डायरेक्टर विजय सोनार, भीख पुरी गोस्वामी शत्रुघ्न कश्यप, सौविंद बर्मन, विनोद छेत्री, शहीद वेदी संगम ताराबाड़ी अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दहल, भीम प्रधान, राम बहादुर राणा, सर्वेश्वर विश्वास व 195 स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया |

Three dead, 14 injured in terror attack on police bus in Srinagar

Three Jammu and Kashmir armed police personnel were killed and 14 were injured after terrorists attacked a police bus. The attack happened near a police camp at Zewan on the outskirts of Srinagar on Monday evening, police said. While two policemen ASI Ghulam Hassan & SgCT Safique Ali died Monday evening, Constable Rameez Ahmad succumbed to his injuries on Tuesday morning.

Kashmir Inspector General of Police Vijay Kumar said to the media, “Jaish-e-Mohammed (JeM)’s offshoot, Kashmir Tigers has claimed responsibility.”

Jaish-e-Mohammed is a Pakistan-based group that has been designated a terror organization by India and the United Nations, as well as the UK and US.

The Prime Minister’s Office said in a tweet, “PM @narendramodi has sought details on the terror attack in Jammu and Kashmir. He has also expressed condolences to the families of that security personnel who have been martyred in the attack.”

Former Chief Minister of Kashmir Mehbooba Mufti offered her condolences. She tweeted, “GOIs (government of India’s) false narrative of normalcy in Kashmir stands exposed yet there has been no course correction. My condolences to the bereaved families.”

Omar Abdullah, former Chief Minister of Kashmir also expressed his condolences and tweeted, “Terrible news of a terror attack on a police bus on the outskirts of Srinagar. I unequivocally condemn this attack while at the same time sending my heartfelt condolences to the families of the deceased & prayers for the injured.”

सीडीएस जनरल विपिन रावत को श्रद्धांजली

खोरीबाड़ी। एक्स सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन दुलालजोत खोरीबाड़ी की ओर से हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल विपिन रावत सहित अन्य वीर शहीदों की असामयिक निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। एसोसियशन कार्यालय दुलालजोत दूधगेट से कैंडल मार्च का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खोरीबाड़ी ब्लॉक के सभी पूर्व सैनिकों और स्थानीय क्षेत्र के कुछ गैर सरकारी संगठनों ने भाग लिया। आयोजित कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद सीडीएस जनरल विपिन रावत सहित अन्य वीर शहीदों की शांति की कामना करते हुए श्रद्धांजलि दी गयी। एसोसियशन कार्यालय से कैंडल मार्च शुरू होकर विभिन्न इलाके की परिक्रमा किया। उल्लेखनीय है की भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर हादसे में निधन हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 12 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी। सीडीएस और हादसे में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी गई । इस अवसर पर एक्स सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी बिष्टा, सचिव दीपक क्षेत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।