चुनाव बाद हिंसा मामले में सुनाया गया फैसला
कोलकाता। बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने राय दे दी है कि इस मामले में हत्या और बलात्कार जैसी घटनाओं की जांच सीबीआई से कराई जाए। पांच न्यायाधीशों के वृहत्तर बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया कि दूसरे मामलों की जांच एसआईटी करेगी। भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने जहां इस फैसले का स्वागत किया हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। भाजपा के राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के बाद जो कुछ भी हुआ, वह लज्जाजनक है जिन लोगों पर अत्याचार हुआ, इस फैसले से उन्हें न्याय मिलेगा। फैसले पर टिप्पणी करते हुए माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य हन्नान मौला ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं तृणमूल के जमाने में हमारे भी 778 नेताओं कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। करीब 1एक लाख तीस हजार लोग बेघर हुवे। राज्य में कानून का नहीं, बल्कि दल का शासन चल रहा है और देशवासियों को यह जानना जरूरी है। उधर तृणमूल की तरफ से इस फैसले को संविधान विरोधी बताया गया है। समझा जा रहा है कि राज्य सरकार फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगा सकती हैं।

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