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Bengal BJP MP allegedly attacked while returning after watching ‘The Kashmir Files’

BJP MP Jagannath Sarkar on Saturday alleged that a bomb was hurled at his vehicle in Haringhata town of Nadia district in West Bengal. He was returning home after watching the film ‘The Kashmir Files’. MP Jagannath Sarkar said he escaped the attack as the bomb landed behind the speeding car.

BJP MLA Suvendu Adhikari slammed Trinamool Congress and said that law and order are non-existent in West Bengal and that the criminals are freely roaming around carrying out unrestrained violence.

“Sri Jagannath Sarkar; @BJP4Bengal MP, was attacked near Simultala; under Haringhata PS, as bomb was hurled at his vehicle. He was returning home after watching ‘The Kashmir Files’. Law & order is nonexistent in WB & criminals are roaming free carrying out unrestrained violence,” the BJP leader said in a tweet.

He questioned that how would the general public rely on state administration which can’t even ensure the security of Councillors, MLAs & MPs.

“The attack on the Ranaghat MP is an addition to the latest trend of targeting Elected Representatives in WB. How would the general public rely on the State Administration which can’t even ensure security of Councillors, MLAs & MPs?” tweeted Suvendu Adhikari.

 

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी फिर से दिल्ली जा रहे

 

कोलकाता । विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में सर्वाधिक राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। हर दिन नेता या तो बीजेपी से तृणमूल में जा रहे हैं या फिर राजनीतिक बयानबाजी होती है। इस वक्त राज्यपाल जगदीप धनखड़ दार्जिलिंग में हैं । विधानसभा चुनाव के बाद हुए हिंसा को लेकर वह लगातार राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इधर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी 12 दिनों के अंदर ही फिर से दिल्ली जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। बुधवार को शुभेंदु दिल्ली जा सकते हैं। 12 दिनों के अंदर ही प्रदेश भाजपा के नेता का दो बार दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शुभेंदु अधिकारी जेपी नड्डा के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिल सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि शुभेंदु के दिल्ली दौरे में मुख्य तौर पर राज्य में चुनाव बाद हिंसा के अलावा पार्टी के संगठन को लेकर भी चर्चा हो सकती है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से पार्टी में नये और पुराने के बीच का मतभेद आये दिन सामने आ रहा है। इसके अलावा पार्टी के पुराने कार्यकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि तृणमूल से आये लोगों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। वहीं मुकुल राय के पार्टी बदलने के बाद पुराने कार्यकर्ताओं का रोष अधिक बढ़ गया है। इन सबके अलावा शुभेंदु अधिकारी को विपक्ष का नेता बनाये जाने को लेकर भी कई कार्यकर्ता नाराज हैं। इन सबके बीच शुभेंदु अधिकारी को दिल्ली में बुलाये जाने से कयास लगाये जा रहे हैं कि पार्टी के संगठन को लेकर विस्तारित तौर पर चर्चा हो सकती है।

मुकुल रॉय की विधानसभा की सदस्यता खत्म कराने स्पीकर के पास पहुंचे शुभेंदु अधिकारी

चार साल तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में काम करने वाले तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेता रहे मुकुल रॉय की विधानसभा सदस्यता खत्म कराने के लिए भगवा दल ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी तमाम कागजी कार्रवाई कर रहे हैं.
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा से मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने की अपनी मांग के समर्थन में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. बंगाल चुनाव के परिणाम आने और प्रदेश में ममता बनर्जी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार टीएमसी की सरकार बनने के बाद मुकुल रॉय हाल ही में बीजेपी से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे.
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा से मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने की अपनी मांग के समर्थन में कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. बंगाल चुनाव के परिणाम आने और प्रदेश में ममता बनर्जी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार टीएमसी की सरकार बनने के बाद मुकुल रॉय हाल ही में बीजेपी से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे.

कमल की पंखुड़ियों को बिखेरने में जुटे मुकुल!

कोलकाता। राजनीति में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता। कल तक भाजपा के आंखों का तारा मुकुल राय आज तृणमूल कांग्रेस में हैं। उनकी घर वापसी शानदार रही। मुकुल राय के तृणमूल में जाने के बाद से भाजपा में कहासूनी भी शुरू हो गयी है। भाजपा के कुछ नेता अब कह रहे हैं कि उन्हें पहले से ही पता था कि मुकुल राय भाजपा ने टिक नहीं पायेंगे। इसमें कोई शक नहीं है कि मुकुल राय एक अच्छे रणनीतिकार व राजनीति के मजे खिलाड़ी हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होेंने भाजपा के लिए काम करके यह साबित भी किया। बंगाल में भाजपा ने 18 सीट जीतकर चैका दिया था। अब खबर यह है कि तृणमूल कांगे्रस में आते ही मुकुल राय अपना जौहर दिखाने लगे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा के 9 विधायकों और एक सांसद को फोन कर उनसे तृणमूल में शामिल होने के लिए कहा गया है। तृणमूल पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के 3 विधायक और एक सांसद तृणमूल के संपर्क में हैं, ये कभी भी तृणमूल में शामिल हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को बनगांव में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के नेतृत्व में भाजपा की सांगठनिक बैठक थी। इस बैठक में 3 भाजपा विधायकों को पहुंचना था जो नहीं पहुंचे थे। भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर बैठक में नहीं आये थे। उनके अलावा गाइघाटा के विधायक सुब्रत ठाकुर, बागदा के विधायक विश्वजीत दास और बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया भी बैठक में नहीं आये थे।
विधायक विश्वजीत दास और भाजपा नेता सुनील सिंह के पार्टी से अलग सुर भी कई सवाल खड़े कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि कई नेता मौका देखकर भाजपा में आये थे। अब जबकि कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने का समय है तो ऐसे ही अवसरवादी नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। हालांकि जो सच में लोगों की सेवा के लिए आये थे, वे भाजपा में हैं और आगे भी रहेंगे। तूफान आने पर घास, पत्ते भी भगवान की मूर्ति के माथे पर आ जाते हैं, लेकिन तूफान थमने के बाद उन्हें हटा दिया जाता है। जो खुद को घास, पत्ता समझते हैं वे तृणमूल में जाएंगे।

सुवेंदु अधिकारी के बाद बंगाल से भाजपा के तीन सांसद दिल्ली पहुंचे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उनके इस मुलाकात के तत्पश्चात राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री व सुवेंदु के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण विषयों के साथ ही मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। सुवेंदु ने राज्य में हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट भी सौंपी है तथा बंगाल की मौजूदा स्थिति से उन्हें अवगत कराया है।
वहीं भाजपा हाईकमान के बुलावे पर बंगाल से भाजपा के तीन सांसद दिल्ली पहुंचे हुए हैं। इनमें भाजपा सांसद अर्जुन सिंह, सौमित्र खां और निशिथ प्रमाणिक शामिल हैं। अचानक से इन सांसदों के दिल्ली जाने को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं। दरअसल विधानसभा चुनाव में वह सफलता नहीं मिली जिसकी भाजपा नेता उम्मीद कर रहे थे। ऐसे में भाजपा अपने आगे की रणनीति पर काम कर रही है। लेकिन गौर करें तो पाते हैं कि इन दिनों भाजपा के अंदरखाने में भी हलचल है। मुकुल राय जैसे दिग्गत नेता के फिर से तृणमूल में जाने की अटकल लग रही है।

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार इसे खारिज करते आ रहे हंै। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि सत्ता के साथ हर कोई रहना चाहता है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता है और जो लोग भाजपा का दामन चुनाव से पहले थामे हैं उनमें कइयों का मन हिल रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए भी वर्तमान हालात को संभालना चुनौतीपूर्ण होगा। खैर राजनीति में आना जाना सामान्य बात है, लेकिन इसे भाजपा खेमे में हलचल के तौर पर देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला । उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय उन्होंने गोरखालैंड से लेकर बंद चाय बागानों को खुलवाने तक जैसे कई वादे किए थे। बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के वादे किए थे ।लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि वह लोगों को झूठे वादे देकर लूटने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एन आर सी के बजाय अब एनपीआर लागू करने की बात कही जा रही है, जबकि इन दोनों में कोई अंतर ही नहीं है। वही कहा कि अब तक एनआरसी रद्द नहीं की गई है । एनआरसी के कारण असम में 16 लाख लोग एनआरसी लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। बीजेपी ने अशांति फैलाने के सिवाय दूसरा कोई काम नहीं किया है। उन्होंने समर्थकों को याद दिलाया कि जब असम में आंदोलन हुआ था। जब वहां अशांति फैली थी तो उन्होंने अपने राज्य में असम के लोगों को आश्रय दिया था। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस अशांति में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अधर्म का काम नहीं होता है। यहां विकास के सभी काम हुए हैं। जलपाईगुड़ी व कूचबिहार इन 2 जिलों में काफी काम हुए हैं। मेडिकल कॉलेज, कॉलेज, स्कूल ब्रिज, सड़क यह सब कुछ बनाने का कार्य हुआ है । उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई काम करता है तो गलती स उससे होती है, तो काम करते समय हो सकता है कि तकनीकी कारणों से कुछ काम अभी भी लंबित हो। लेकिन उनकी सरकार ने ज्यादा से ज्यादा विकास करने का काम करने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ भाषण देने से नहीं होता है काम करने से होता है। उन्होंने बीजेपी नेताओं की तुलना चंबल के डकैतों से की तथा कहा कि कुछ चंबल के डकैत यहां आए हुए हैं तथा अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। इनके काम है सांप्रदायिक हिंसा फैलाना। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय बंद चाय बागानों को खोलने का वादा किया गया था। इतना ही नहीं इसके लिए नोटिफिकेशन किए गए थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार चीटिंगबाजी की सरकार है । वह लोगों को झांसा देना जानती है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में लोगों को रोजगार देने का वादा किया था तथा हर किसी के बैंक अकाउंट 15 लाख डालने के बात कही थी । उन्होंने गोरखालैंड देने का भी वादा किया था। लेकिन आज तक क्या वह गोरखालैंड दे पाए। उन्होंने यह भी कहा कि दार्जिलिंग समस्या का स्थाई राजनीतिक समाधान सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही कर सकती है, दूसरा कोई भी इस समस्या का समाधान नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि गोरखालैंड के नाम पर बीजेपी नेताओं ने सिर्फ संप्रदायिक उन्माद फैलाने और एक दूसरे को लड़ाने का काम किया है। उनका काम ही है झूठे वादे करना और जाति और धर्म की राजनीति करके एक दूसरे से लड़ाना। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव के समय कोई उन्हें पैसे देता है तो वह ले ले, वोट तृणमूल को दे। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि लोकसभा चुनाव में उत्तर बंगाल से उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिला तो ऐसे में उनकी पार्टी का क्या दोष था । उन्होंने लोगों से कहा कि जो हो गया सो हो गया ,लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को भारी मतों से जीताए है और उन्हें अपना आशीर्वाद दें। उन्होंने ओवेसी पर पर भी इशारों इशारों में निशाना साधा तथा कहा कि वह बीजेपी का एजेंट है और यहां वोट बाटने इरादे से आ रहा है। वह यहां हिंदू व मुसलमान करके लोगों को आपस में दूर करते हुए वोट बांटने का कार्य करने वाला है, तो आप सभी इन नेताओं के झांसे में ना आए और टीएमसी को अपना जन समर्थन दें।

सिलिगुड़ी हिंसा मामले मे बीजेपी के कैलाश विजयवर्गीय, तेजस्वी सूर्या समेत कई नेताओं के खिलाफ हुआ FIR दर्ज

पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में दिसंबर 7 को बीजेपी के द्वारा निकली गई  विरोध प्रदर्शन मार्च दौरान हुई हिंसा के मामले में दिसंबर 9 को बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गी, युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या, दिलीप घोष समेत बीजेपी के कई नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज किया गया। सिलिगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के न्यू जलपाईगुड़ी पुलिस स्टेशन में बीजेपी नेताओं पर ‘उत्तर-कन्या अभियान’ के दौरान हिंसा उकसाने के आरोप केस दर्ज किया। पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हिंसा करने, कानून-व्यवस्था को तोड़ने, पुलिस के साथ झड़प करने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगते हुए केस दर्ज किया। 7 दिसंबर को हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गयी और हिंसा दौरान कार्यकर्ता उलेन रॉय की मौत भी गयी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक उलेन रॉय की मौत शॉट-गन के छर्रों  से हुई थी। पर पुलिस दावा करती है कि शॉट-गन का प्रयोग नहीं हुआ है ,भीड़ को भागने के लिए उसने सिर्फ वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों पर प्रयोग गया  किया था। साथ ही साथ पुलिस ने आरोप लगाया है कि भीड़ में हथियार से लैस लोग थे और उन्होंने फायर किया।  बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पुलिस की नादिरशाही (क्रूरता) और ममता बनर्जी सरकार की अराजकता है. पुलिस और टीएमसी के गुंडों के बीच सांठगांठ है. पुलिस आँसू गैस का इस्तेमाल कर रही थी और गुंडे देशी बम फोड़ रहे थे।

 

FIR filed against many leaders including BJP’s Kailash Vijayvargiya, Tejashwi Surya in Siliguri violence case

In Siliguri, West Bengal, on December 7, an FIR was lodged against several BJP leaders including senior BJP leader Kailash Vijayvargi, Yuva Morcha president Tejashwi Surya, Dilip Ghosh on December 7 in connection with the violence that took place during the march. At the New Jalpaiguri Police Station of the Siliguri Metropolitan Police, fir was filed on bjp leader for inciting violence during the ‘Uttar-Kanya Abhiyan’. The police registered a case alleging BJP workers for committing violence, breaking law and order, clashing with police and damaging government properties. In the protest on 7 December, there was a clash between the police and the workers and during the violence, worker Ulen Roy also died. According to the post-mortem report Ulen Roy was killed by shotgun pellets. But the police claim that the shot-gun was not been used, only water cannons and tear gas bullets to disperse the crowd. At the same time, police have alleged that there were armed men in the crowd and they fired. BJP national general secretary Kailash Vijayvargiya attacked TMC, saying that it is the nadirshahi (brutality) of the police and the Mamata Banerjee government. There is a nexus between the police and TMC goons. Police were using tear gas and goons were firing bombs.